बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याओं पर कथित संगठनों की चुप्पी समझ से परे : महेंद्र प्रताप

मोहित विश्वकर्मा। वृंदावन। 

वृंदावन के गोविंदधाम में चल रही रामकथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि बनाम शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण के मुख्य पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जो लोग गाजा जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर कैंडल मार्च निकालते हैं, उन्हें पड़ोसी देश बांग्लादेश में हो रही हिंदुओं की हत्या और उत्पीड़न क्यों नहीं दिखाई देता।

महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट
वृंदावन के प्रमुख रामकथा वाचक श्री हरि अंकित कृष्ण जी महाराज और श्रीकृष्ण जन्मभूमि बनाम शाही ईदगाह मस्जिद केस के हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट

रामकथा के सातवें दिन मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के साथ लगातार हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन इस पर कई कथित बुद्धिजीवियों और संगठनों की चुप्पी समझ से परे है। उन्होंने कहा कि जो लोग भाईचारे और सौहार्द की बातें करते हैं, उन्हें बांग्लादेश के हिंदुओं के लिए भी आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि क्या वहां के हिंदू अपने नहीं हैं?

रामकथा के मंच से उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण की स्थिति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इतिहास में चार बार मंदिर को ध्वस्त किया गया। महमूद गजनवी से लेकर औरंगजेब तक सनातन संस्कृति को समाप्त करने के प्रयास हुए। उन्होंने दावा किया कि औरंगजेब द्वारा निर्मित ढांचा भगवान श्रीकृष्ण के मूल प्राकट्य स्थल यानी गर्भगृह पर ही बनाया गया। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर सशक्त साक्ष्यों के साथ कानूनी लड़ाई लड़ी जा रही है। विभिन्न देशों के इतिहासकारों की पुस्तकों और नगर निगम के पुराने अभिलेखों का संकलन किया गया है, जो न्यायालय में प्रस्तुत किए जा रहे हैं।

कथा के दौरान मध्य प्रदेश के जबलपुर, गाडरवारा, करेली और नारायणगंज से आए श्रद्धालुओं ने भक्ति रस का आनंद लिया। सेवाकुंज के आचार्य यदुनंदनाचार्य महाराज और भागवताचार्य श्री हरि वर्षा कौशल ने राम और कृष्ण प्रसंगों के माध्यम से जीवन मूल्यों का संदेश दिया। कार्यक्रम में दीपक अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, प्रशांत अग्रवाल, अभिषेक राणा, सुबोध राणा, अरुण अग्रवाल, सुमित, विश्वनाथ सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे