श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति को संकल्प, आस्था और राष्ट्रधर्म का देखने को मिला जीवंत संगम

अर्चना टकसालिया, उप संपादक शनिवार का दिन श्रीकृष्ण जन्मभूमि के इतिहास में एक और भावनात्मक अध्याय जोड़ गया। श्रीकृष्ण जन्मभूमि–शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण के प्रमुख हिंदू पक्षकार एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट से यज्ञ गुरु अरुणानंद जी महाराज ने कैंप कार्यालय पर आत्मीय मुलाकात की। यह भेंट केवल औपचारिकता नहीं थी, बल्कि संकल्प, आस्था और राष्ट्रधर्म से जुड़ी भावनाओं का जीवंत संगम थी।

श्री कृष्ण जन्म भूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट और उनके साथ हैं हरियाणा के सेलौठी आश्रम के पीठाधीश्वर यज्ञ गुरु अरुणानंद जी महाराज

इस अवसर पर न्यास अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह जी ने  पुष्पवर्षा के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर हरियाणा पलवल के सेलौठी आश्रम के पीठाधीश्वर यज्ञ गुरु अरुणानंद जी महाराज ने भावविभोर होकर कहा,

“यह दायित्व मेरे लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में सेवा का सौभाग्य है। मैं पूर्ण निष्ठा, समर्पण और सत्य के मार्ग पर चलते हुए श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के इस पावन संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य करूँगा।

पंडित श्यामानंद जी महाराज

इसके पश्चात न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि किस प्रकार संगठित प्रयासों के माध्यम से हिंदू धर्म, उसकी आस्था और धार्मिक स्थलों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।

इसके बाद दोनों ने वृंदावन में भ्रमण करते हुए इस्कॉन मंदिर पहुंचकर ठाकुर जी के चरणों में नमन किया और दर्शन किए। इसी दौरान श्यामानंद जी महाराज भी वहां पहुंच गए। काफी देर तक आपसी विचार-विमर्श हुआ। जिसमें श्रीकृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराए जाने के लिए न्यास के बैनर तले अब तक चलाए गए आंदोलनों, जनजागरण अभियानों और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

न्यास अध्यक्ष ने दिल्ली प्रभारी यज्ञ गुरु अरुणानंद जी महाराज को अवगत कराया कि किस प्रकार संगठन निरंतर शांतिपूर्ण, संवैधानिक और संगठित तरीके से श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहा है।