युवक पर सांड का हमला, गोवंश प्रबंधन पर फिर उठे सवाल

खेमचंद्र अग्रवाल, शेरगढ़ मथुरा

शेरगढ़ कस्बे में आवारा गोवंश की समस्या एक बार फिर गंभीर रूप से सामने आई है। पुरानी सब्जी मंडी चौराहे पर गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे एक 30 वर्षीय युवक पर आवारा सांड ने अचानक हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों में दहशत फैल गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक मजदूरी का काम कर शाम को पैदल घर लौट रहा था। इसी दौरान सड़क पर घूम रहे सांड ने अचानक उस पर हमला कर दिया। जब तक युवक कुछ समझ पाता, वह जमीन पर गिर चुका था। चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह सांड को भगाया और युवक को बचाया। गंभीर हालत में उसे मथुरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है।

घायल युवक की पहचान जाबिर पुत्र पप्पू, निवासी पुरानी सब्जी मंडी, शेरगढ़ के रूप में हुई है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि कस्बे की सड़कों, चौराहों और खेतों में गोवंश की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे आमजन का निकलना तक मुश्किल हो गया है। राह चलते लोगों पर हमले अब आम बात होती जा रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बेसहारा गोवंश को गोशालाओं में संरक्षित रखने के स्पष्ट निर्देश हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन आदेशों के उलट दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई गोशालाएं कागजों में ही संचालित हैं, जबकि सांड और गायें खुलेआम सड़कों पर घूम रही हैं। इससे न केवल हादसे हो रहे हैं, बल्कि किसानों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है।

ग्रामीणों और व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते गोवंश प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई, तो ऐसी घटनाएं और बढ़ेंगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आवारा गोवंश को तत्काल गोशालाओं में भेजा जाए और वहां उनके रखरखाव की वास्तविक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

शेरगढ़ की यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि गोवंश संरक्षण और प्रशासनिक व्यवस्था की गंभीर खामियों की ओर इशारा करती है। जब तक सरकारी आदेश जमीन पर सही ढंग से लागू नहीं होंगे, तब तक बेसहारा गोवंश और आम लोगों के बीच टकराव यूं ही जानलेवा बनता रहेगा।