बांके बिहारी जी मंदिर ट्रस्ट विधेयक बना कानून, नए वैधानिक ढांचे के तहत होगा प्रबंधन

मनोज चौधरी मथुरा/लखनऊ

राज्यपाल की स्वीकृति के बाद अधिनियम अधिसूचित, दोनों सदनों को दी जाएगी औपचारिक जानकारी

उत्तर प्रदेश श्री बांके बिहारी जी मंदिर ट्रस्ट विधेयक, 2025 को राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद सोमवार को औपचारिक रूप से अधिनियम के रूप में अधिसूचित कर दिया गया। इससे पहले यह विधेयक उत्तर प्रदेश विधानसभा और विधान परिषद—दोनों सदनों से पारित हो चुका था। कानून के रूप में लागू होते ही मंदिर के प्रबंधन से जुड़ा एक नया वैधानिक ढांचा अस्तित्व में आ गया है।
नए अधिनियम के तहत श्री बांके बिहारी जी मंदिर के संचालन, प्रशासन और व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए ट्रस्ट आधारित व्यवस्था लागू की जाएगी। इससे मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित होने की उम्मीद जताई जा रही है। दोनों सदनों को दी जाएगी

यह जानकारी विधानसभा के प्रधान सचिव प्रदीप दुबे आज इस अधिनियम के संबंध में विधानसभा और विधान परिषद—दोनों सदनों को आधिकारिक रूप से अवगत कराएंगे। इसके बाद अधिनियम में निहित प्रावधानों के अनुसार आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
Banke Bihari Mandir Act के लागू होने को मंदिर प्रशासन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं की सुविधाओं और व्यवस्थाओं में सुधार की अपेक्षा की जा रही है।

 

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने सरकार को बधाई देते हुए कहा है इससे मंदिर की व्यवस्था में सुधार होगा और श्रद्धालुओं को दर्शन में होने वाली परेशानी दूर होगी।

पंडित श्यामानंद जी महाराज

वृंदावन के संत श्यामानंद जी महाराज ने कहा कि इस अधिनियम से अब वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन करने में कोई दिक्कत नहीं होगी और उनको ठाकुर जी के सहज दर्शन जो जायेंगे। उन्होंने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है।