महेंद्र प्रताप सिंह बोले — “श्रीकृष्ण जन्मभूमि से मिटेगा अंधकार, मंदिर निर्माण से फैलेगी सच्ची रोशनी 

 मनोज चौधरी। मथुरा

धर्म का प्रकाश अन्याय को परास्त करेगा

महेन्द्र प्रताप सिंह एडवोकेट

दीपावली के पर्व पर जब पूरा देश अंधकार पर प्रकाश की विजय मना रहा है, उसी दिन वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि अब समय आ गया है जब मथुरा की जन्मभूमि भी ऐतिहासिक अन्याय और अंधकार से मुक्त होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 1670 में औरंगजेब ने भगवान श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को तोड़कर उसी स्थान पर मस्जिद का निर्माण कराया था। उस समय हजारों हिंदुओं का कत्लेआम हुआ और जजिया कर लगाया गया था।

तीन बार टूटा मंदिर, पर आस्था रही हर बार जीवित 

महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि इससे पहले भी तीन बार श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को तोड़ा गया, लेकिन हर बार श्रद्धालुओं ने उसे पुनः स्थापित किया।

उन्होंने बताया कि उन्होंने सबसे पहले अदालत में मस्जिद को हटाकर मंदिर पुनर्निर्माण की मांग उठाई थी।

इसके साथ ही वह आगरा की जामा मस्जिद में श्रीकृष्ण के विग्रहों को सीढ़ियों में जड़ दिए जाने के मामले में भी न्यायालय में मुकदमा लड़ रहे हैं

 हम उन विग्रहों को वापस मथुरा लाने की मांग कर रहे हैं ताकि जन्मभूमि का गौरव पुनः स्थापित हो सके।  

 महामंडलेश्वर डॉ. आदित्यानंद जी महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन और हिंदुत्व को सशक्त बनाना है। उनका कहना था कि दीपावली का अर्थ है । भीतर और बाहर के अंधकार को मिटाना। जिस दिन श्रीकृष्ण जन्मभूमि अन्याय से मुक्त होगी, वही भारत के लिए सच्ची दीपावली होगी। महेंद्र प्रताप सिंह ने महामंडलेश्वर जी का स्वागत करते हुए कहा कि यह धर्म और न्याय की एकजुटता का प्रतीक क्षण है।

हमारा लक्ष्य एक — जन्मभूमि की मुक्ति और भव्य मंदिर का निर्माण

महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट बताया कि जनता को जागरूक करने के लिए जनजागरण अभियान भी चलाया जा रहा है।

दीपावली का संदेश, आंदोलन को नई ऊर्जा

दीपावली के इस शुभ अवसर पर दोनों ने कहा कि यह पर्व केवल घरों में दीप जलाने का नहीं, बल्कि आस्था और सत्य के दीप प्रज्वलित करने का समय है।

महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा जिस तरह दीपावली पर अंधकार मिटता है, उसी तरह श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर से भी अन्याय का अंधकार मिटेगा। यही हमारा दीपावली पर्व संकल्प है।