श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति तक नहीं रुकेंगे: महेंद्र प्रताप सिंह

मथुरा।
भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली — करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र — की मुक्ति के लिए कानूनी और जनांदोलन दोनों स्तरों पर संघर्ष कर रहे श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के

 श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट और साथ में संत पंडित श्यामानंद जी महाराज

अध्यक्ष और श्रीकृष्ण जन्मभूमि–शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण के हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा है कि अब याचना का समय समाप्त हो चुका है, यह धर्मयुद्ध का समय है।

उन्होंने कहा कि 1670 में औरंगजेब द्वारा श्रीकृष्ण मंदिर को तोड़कर उस पावन भूमि पर मस्जिद का निर्माण कराया गया था, और आज वही भूमि हिंदू समाज की अस्मिता का प्रतीक बन चुकी है। “हमारे पास ऐतिहासिक और साक्ष्यात्मक प्रमाण हैं कि जिस स्थान पर मस्जिद बनी है, वहीं भगवान श्रीकृष्ण का मूल गर्भगृह था। अदालत में यह तथ्य स्पष्ट हो रहे हैं, और अब हम उसी स्थान पर भव्य मंदिर निर्माण के लिए संकल्पित हैं,” उन्होंने दृढ़ स्वर में कहा।

महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में यह मुकदमा पूरी शक्ति और निष्ठा के साथ लड़ा जा रहा है। “यह केवल एक कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा का प्रश्न है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने स्पष्ट कहा —

> “भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि हमारी आत्मा है, हमारी चेतना है। अब याचना नहीं, रण होगा। यह संघर्ष तभी रुकेगा जब श्रीकृष्ण की जन्मस्थली अपने मूल स्वरूप में लौटेगी।

महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि वे केवल अदालत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इस संघर्ष को जन-आंदोलन का रूप देने के लिए चलो गांव की ओर अभियान, हिंदू चेतना यात्राएं और हस्ताक्षर अभियान जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रम चला रहे हैं।
“हमारा उद्देश्य देशभर में हिंदुओं को एकजुट कर इस आंदोलन को विश्वव्यापी स्वरूप देना है, ताकि हर सनातनी अपने ईष्ट के अधिकार के लिए खड़ा हो सके,” उन्होंने कहा।

उन्होंने कहा कि यह लड़ाई कठिन जरूर है, लेकिन विजय निश्चित है —

> “इतिहास गवाह है, अधर्म कभी स्थायी नहीं रहा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि अवश्य मुक्त होगी, क्योंकि यह धर्म और सत्य की लड़ाई है।”