घर घर तक वैदिक शिक्षा को पहुंचने की आवश्यकता : सत्यमित्रानंद

सत्यमित्रा नंद महाराज, क्रांतिकारी संत

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कुशल संगठनकर्ता अशोक सिंघल की जयंती पर केशव धाम परिसर वेद ध्वनि से गुंजायमान
— वैदिक पूजन व स्वस्तिवाचन के साथ मनाया गया जयंती समारोह

वृंदावन, मथुरा | 27 सितम्बर 2025
हिंदू हृदय सम्राट, राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रखर नायक एवं सामाजिक समरसता के पुरोधा अशोक सिंघल जी की जयंती के अवसर पर केशव धाम, वृंदावन में एक दिव्य वेद पूजन महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन केशव वेद विद्यालय द्वारा किया गया, जिसमें वैदिक परंपराओं एवं भारतीय संस्कृति की पुनः प्रतिष्ठा की प्रेरणा स्वरूप स्वर्गीय सिंघल जी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ वेदपाठी छात्रों द्वारा आचार्य सुधाकर द्विवेदी के नेतृत्व में सामूहिक स्वस्तिवाचन से हुआ, जिससे केशव धाम परिसर वेद ध्वनियों से गुंजायमान हो उठा।

पूजन एवं दीप प्रज्वलन:

कार्यक्रम के प्रारंभ में आदि शंकराचार्य, वेदव्यास एवं अशोक सिंघल जी के चित्रों पर स्वामी गौरवानन्द जी, कार्यक्रम अध्यक्ष कन्हैयालाल अग्रवाल, मुख्य अतिथि पद्मनाभ गोस्वामी, सतीश चन्द्र अग्रवाल, स्वामी सत्यमित्रानन्द जी, ओमप्रकाश बंसल, उमेश अग्रवाल, आचार्य ब्रजेन्द्र नागर, गंगाधर अरोड़ा एवं रामदास चतुर्वेदी शास्त्री सहित अनेक अतिथियों द्वारा माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर वैदिक ग्रंथों की पूजा की गई।

वक्ताओं के विचार:

स्वामी गौरवानन्द जी महाराज ने श्रद्धांजलि स्वरूप कहा कि “अशोक सिंघल जी ने अपना सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र, धर्म और संस्कृति की सेवा में अर्पित कर दिया। उनकी अंतिम इच्छा थी कि वैदिक शिक्षा घर-घर तक पहुंचे।”

मुख्य अतिथि पद्मनाभ गोस्वामी ने सिंघल जी को “भारत माता का अमर सपूत” बताते हुए उनके संगठनात्मक कौशल और समर्पण की प्रशंसा की।

कार्यक्रम अध्यक्ष कन्हैयालाल अग्रवाल (अध्यक्ष, विहिप मथुरा) ने कहा कि अशोक जी ने धर्म जागरण, संस्कृत, गोरक्षा और स्वदेशी जैसे कई अभियानों को विश्व हिंदू परिषद से जोड़ा, और राम जन्मभूमि आंदोलन को जन-जन का आंदोलन बना दिया।

स्मृतियों और योगदान का स्मरण:

कार्यक्रम का संचालन कर रहे वरिष्ठ विहिप नेता आचार्य ब्रजेन्द्र नागर ने सिंघल जी के वृंदावन प्रवास के संस्मरण साझा करते हुए कहा कि वे गौ, गंगा, गीता, गायत्री और हिंदू सम्मान के लिए जीवनभर समर्पित रहे।

अन्य प्रमुख उपस्थिति:

इस पावन अवसर पर रवीन्द्र शर्मा (प्रधानाचार्य, वेद विद्यालय), सतीश चन्द्र अग्रवाल (मंत्री, केशव धाम), डा. अशोक सैनी, धर्मेन्द्र कुमार अग्रवाल, योगेश गौतम, हरस्वरुप यादव, माधव, विक्रांत पचौरी, संदीप चतुर्वेदी, मोहन लाल कौशिक सहित अनेक श्रद्धालु व विद्वानजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन:

समारोह का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सत्यमित्रानन्द जी ने किया और अंत में कल्याण मंत्र के उच्चारण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।