बांके बिहारी मंदिर: गोस्वामियों के ‘सेवक’ कर रहे गड़बड़

बांके बिहारी मंदिर: गोस्वामियों के ‘सेवक’ कर रहे गड़बड़, मैनेजमेंट कमेटी सख्त

मथुरा, 13 सितंबर 2025 — वृन्दावन स्थित ठाकुर श्री बांके बिहारी जी मंदिर में हो रही अनियमितताओं पर अब मंदिर हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी ने कड़ा रुख अपनाया है।

मंदिर की हालिया बैठक में अध्यक्ष मा० न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अशोक कुमार ने साफ कहा कि गोस्वामी समुदाय से जुड़े कई सेवायत अपने साथ 10-15 “सेवकों” को लेकर आ रहे हैं, जो दर्शन को आए श्रद्धालुओं से अवैध रूप से पैसे वसूल रहे हैं और व्यवस्था में गंभीर व्यवधान पैदा कर रहे हैं।

गोस्वामियों के सेवकों पर नजर

कमेटी के अनुसार, मंदिर के विभिन्न गोस्वामी और सेवायत बिना किसी अधिकृत सूची के अपने निजी सेवकों को मंदिर परिसर में ले आ रहे हैं। ये सेवक न केवल अवैध वसूली में लिप्त हैं बल्कि श्रद्धालुओं के सुचारु दर्शन में भी बाधा बन रहे हैं। इस पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। अब हर गोस्वामी/सेवायत को यह स्पष्ट करना होगा कि उनके साथ कौन एक या दो अधिकृत सेवक कार्यरत हैं। इस प्रक्रिया का पालन 2-3 दिनों के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

दर्शन व्यवस्था में बड़े बदलाव

बैठक में दर्शन व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंदिर में प्रवेश के लिए दो गेट (गेट नंबर 2 और 3) से 6 लाइनें बनाई जाएंगी, जिसमें रेलिंग लगाई जाएगी। श्रद्धालु इन रेलिंगों से होते हुए दर्शन करेंगे और उसी रास्ते से निकल जाएंगे। इससे भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी।

VIP पर्ची खत्म, लेकिन प्रोटोकॉल चालू

मंदिर में अब वीआईपी दर्शन पर्ची की व्यवस्था पूरी तरह बंद कर दी गई है। हालांकि, आवश्यक प्रोटोकॉल अब भी लागू रहेगा। इसका मतलब है कि अब दर्शन के लिए किसी को वीआईपी सुविधा की अलग पर्ची नहीं मिलेगी।

पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग रिजर्व्ड एरिया

मंदिर के प्रांगण में ऊपर से दर्शन करने के लिए बने दो रिजर्व्ड एरिया में भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं — एक में केवल महिलाएं और दूसरे में केवल पुरुष ही रहेंगे। इस व्यवस्था का सख्ती से अनुपालन मंदिर प्रशासन और पुलिस सुनिश्चित करेगी।

निष्कर्ष:
बांके बिहारी जी मंदिर में सेवा के नाम पर बढ़ती अव्यवस्थाओं और अवैध गतिविधियों पर अब शिकंजा कसा जा रहा है। खास तौर पर गोस्वामियों के निजी सेवकों पर अब निगरानी बढ़ेगी। दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं, जिससे लाखों श्रद्धालुओं को राहत मिलने की उम्मीद है।