खतरे के निशान से 38 सेमी ऊपर पहुंचा जलस्तर, दो दिन बाद ओर बिगड़ सकती है स्थिति
मथुरा 2 सितंबर 2025:
पर्वतीय क्षेत्रों में कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से यमुना नदी का जलस्तर बढ़ गया है। मंगलवार को प्रयाग घाट पर 166.38 मीटर जल स्तर मापा गया, जो खतरे के निशान से 38 सेंटीमीटर अधिक है।

वृंदावन, नौहझील, जयसिंहपुरा, स्वामी घाट, गोकुल, महावन और बलदेव क्षेत्र के कई इलाके बुरी तरह से प्राववित है। दो दिन बाद हालत ओर भी खराब होने की प्रबल संभावना है।

स्थिति यह है कि वृंदावन वृंदावन में 13 नलकूपों को बंद करना पड़ गया है। नालों से पानी की निकासी नहीं हो रही है। बस्तियों से पानी की निकासी नहीं हो रही है।
हरियाणा और दिल्ली के बांधो से तीन लाख क्यूसेक से अधिक छोड़ हुए पानी का असर चार सितम्बर को मथुरा में दिखाई देगा, लेकिन यहां पहले से ही यमुना खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालांकि गोकुल बैराज के 21 फाटक पूरे खोल दिए गए हैं।

आपातकालीन गेट बंद है। करीब 88 हजार क्यूसेक पानी आगरा के लिए डाउन स्ट्रीम में पास किया जा रहा है। नौहझील और शेरगढ़ मार्ग को बंद कर दिया गया है। एक दर्जन से भी अधिक तटवर्ती क्षेत्रों के संपर्क मार्गों के ऊपर होकर पानी बह गया है।
वृंदावन परिक्रमा मार्ग पर पानी गया है। जयसिंहपुरा की कालोनियों से लोगों को निकाल कर राहत शिविरों में भेजा गया है। स्वामी घाट, विश्राम घाट पानी में डूब गए हैं। ईसापुर, तिवारीपुरम में पानी हिलोरें मार रहा है। महादेव घाट मार्ग पर पानी आने से आसपास के क्षेत्र की आबादी के होश फाख्ता हैं और यमुना नदी के जल का स्तर वृंदावन के 11 और मथुरा के दो ट्यूबवेल के जलस्तर के समानांतर पहुंच गया है। महाप्रबंधक जलकल मोहम्मद अनवर ख्वाजा ने बताया कि 13 ट्यूबवेल बंद कर दिए गए हैं। बंद किए गए ट्यूबवेल से वाले क्षेत्रों में टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जा रही है।
राहत शिवरों ली बाढ़ प्रभावितों ने शरण, डीएम ने लिया जायजा
डीएम ने किया दौरा, शेल्टर होम में ठहरे लोगों को परोसा भोजन
मथुरा : जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने मंगलवार दोपहर में जयसिंहपुरा के बाढ़ से प्रभावित लोगों को शरण देने के लिए बनाए शरणालयों का निरीक्षण किया। यहां ठहराए गए लोगों को भोजन परोसा और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
डीएम ने बताया, बाढ़ शरणालयों में पेयजल आपूर्ति, मोबाइल टॉयलेट, मेडिकल, विद्युत आपूर्ति की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। चिकित्सक भी लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रहे हैं। डीएम ने बताया, सभी प्रभावित परिवारों के क्षतिग्रस्त मकानों एवं फसलों का सर्वे किया जा रहा है। सबको मुआवजा दिलाया जाएगा घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराया जा रहा है। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व पंकज कुमार वर्मा, नगर मजिस्ट्रेट राकेश कुमार, सहायक नगर आयुक्त राकेश त्यागी और तहसीलदार उपस्थित रहे।








