मनोज चौधरी
छह सितम्बर तक खतरे के निशान से जलस्तर रहेगा ऊपर, पिछले 48 घंटे से हो रही लगातार वर्षा
दस हजार पशुओं को शिफ्ट करने के दिए आदेश
सभी अधिकारियों को किया गया तैनात, ग्राम स्तर पर कमेटियां गठित करने के आदेश
मथुरा 01 सितम्बर 2025 : पहाड़ों से लेकर मैदानी क्षेत्रों में मानसूनी वर्षा ने पानी पानी कर दिया है। नदियां उफान पर हैं। यमुना नदी के फिर से जलस्तर में बढ़ोतरी होने की संभावना बढ़ जाने से जिला प्रशासन हाई अलर्ट मोड पर आ गया है।
रात को डीएम चंद्रप्रकाश सिंह ने विभागीय अधिकारियों की आपात कालीन बैठक। बाढ़ समिति योजना की इस बैठक में एसएसपी श्लोक कुमार भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने बताया कि चार और पांच सितंबर को यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर रहेगा।

सभी उप-जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव गांव में जाकर बैठक करे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ग्राम स्तर पर टीम बनाई जाए, जिसमें पंचायती राज विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, पशुपालन विभाग, विद्युत विभाग, विकास विभाग आदि विभागों के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को तैनात किया जाए। सभी बाढ़ प्रभावित ग्रामों को चिन्हित करते हुए वहां पर टीम लगाई जाए एवं उन्हें जिम्मेदारी से बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद हेतु निर्देशित किया जाए।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी शेल्टर होम / बाढ़ शरणालय स्थलों में स्वास्थ्य टीम लगाई जाए। एंबुलेंस की व्यवस्था की जाए। सभी मेडिकल सुविधाएं प्रदान की जाए। डॉक्टरों की तैनाती की जाए। निरंतर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एंटी लार्वा छिड़काव किया जाए। सभी स्वास्थ्य कैंप में एंटी स्नेक वेनम अवश्य उपलब्ध होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि आगामी दिनों में यमुना जी के जल स्तर में बढ़ौती होगी। दिनांक 4 से 6 सितंबर 2025 के दौरान यमुना जी का जलस्तर पीक/ डेंजर लेवल के आस पास होगा। जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित करते हुए परिवारों एवं पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की व्यवस्था की जाए। सभी के खाने, रहने, पीने, सोने आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी राशन डीलरों को एक्टिव रखे। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राशन की आपूर्ति पूर्व में सुनिश्चित करे। किसी को राशन प्राप्त करने में समस्या नहीं होनी चाहिए। शेल्टर होम में सभी मूल-भूत सुविधाएं होनी चाहिए जैसे भोजन, पेयजल, साफ-सफाई, मोबाइल टॉयलेट, शौचालय, मेडिकल टीम, विद्युत, जेनरेटर, पंखे आदि। उक्त व्यवस्थाओं का सभी उप जिलाधिकारी स्वयं जाकर निरीक्षण करेंगे।
जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी पशुओं के खाने की व्यवस्था को सुनिश्चित करे। पशुओं के लिए हरा चारा, भूसा, पानी आदि की व्यवस्था की जाए। बड़ी बड़ी गौशालाओं में पशुओं को शिफ्ट किया जाए। सभी पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने हेतु कार्य योजना बनाते हुए उक्त कार्य को प्राथमिकता पर सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने बताया कि वर्ष 2023 में लगभग 5 हजार पशुओं को शिफ्ट किया गया था, इस बार लगभग 10 हजार पशुओं को शिफ्ट करने का लक्ष्य/ टारगेट लेते हुए कार्य किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा के समय किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि यमुना जी के जल स्तर पर निरंतर नजर बनाए रखें। जिला प्रशासन को सभी सूचनाएं नियमित रूप से तत्काल प्रेषित की जाए। सभी बांधों का सर्वे एवं निरीक्षण करते रहे। बालू, बोरी, आदि बाढ़ से संबंधित सामग्री को उचित स्थान तथा नजदीकी क्षेत्र के रखवाया जाए, जिसे समय पर प्रयोग किया जा सके।
जिलाधिकारी ने नगर निगम एवं अधिशासी अधिकारी को निर्देश दिए कि अपने अपने क्षेत्रों में पशुओं के भोजन की व्यवस्था तथा सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने का कार्य किया जाए। जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम को एक्टिव करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी नाविकों एवं स्टीमर संचालकों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए तथा समय पर नाव एवं स्टीमर उपलब्ध कराने हेतु उनकी मैपिंग की जाए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि नाव/ स्टीमर में बेसिक सेफ्टी इक्विपमेंट अवश्य होने चाहिए। पुलिस विभाग को निर्देश दिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों एवं सड़कों पर ससमय बैरियर एवं बैरीकेडिंग की जाए। वाहनों का आवागमन रोका जाए।
बैठक में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व पंकज कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमरेश कुमार, सीवीओ नरेंद्र नारायण शुक्ला, सीएमओ डॉ संजीव यादव, उप जिलाधिकारी सदर/ ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अभिनव जे जैन, उप जिलाधिकारी गोवर्धन प्रजाक्ता त्रिपाठी, उप जिलाधिकारी महावन कंचन गुप्ता, उप जिलाधिकारी मांट रितु सिरोही, उप जिलाधिकारी छाता वैभव गुप्ता, अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार, जिला विकास अधिकारी गरिमा खरे, पी0डी0 डीआरडीए अरुण कुमार, डीसी मनरेगा विजय कुमार पाण्डेय, ए0आर0टी0ओ0 प्रवर्तन राजेश राजपूत, जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार, समस्त तहसीलदार, खण्ड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी आदि मौजूद रहे।








