कोर्ट कमीशन पर रोक पर, वाद बिंदु तो तय हो: महेंद्र प्रताप
मथुरा
श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में मुस्लिम पक्ष ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राममनोहर नारायण मिश्र की कोर्ट में दाखिल किए गए वाद संख्या 17 में ही सुनवाई करने और अन्य पर रोक लगाने को दिए गए प्रार्थना पत्र पर सुनवाई। इसका अन्य पक्षकारों ने विरोध किया। साथ ही वाद संख्या 3 तथा 13 में वाद बिंदु तय किए जाने की मांग कोर्ट के समक्ष हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट

हिंदू पक्षकार
श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह मस्जिद
ने रखी। कोर्ट ने 12 सितंबर को सुनवाई की तिथि तय करते हुए इससे पहले ही कोर्ट में मुस्लिम पक्ष के प्रार्थना के खिलाफ हिंदू पक्षकारों से प्रार्थना पत्र दाखिल करने के लिए कहा है।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह मस्जिद स्वामित्व के मामले में वाद संख्या 3 और 13 के वादी महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने बताया कि मुस्लिम पक्ष ने पिछली सुनवाई के बाद हाईकोर्ट में एक प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें मांग की गई थी कि वाद संख्या 17 में ही सुनवाई की जाए और अन्य वादों पर सुनवाई को रोक दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह कोई प्रावधान ही नहीं है। बस, कोर्ट को गुमराह करके मुकदमा को लंबा खींचने भर की कोशिश है। उन्होंने बताया, वाद संख्या तीन में जो आगरा स्थित जामा मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे भगवान श्री कृष्ण के विग्रह दबे होने का मामला है, उसमें सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट कमीशन के सर्वे पर रोक लगा दी गई, लेकिन उसमें वाद बिंदु तय तो करने की भी मांग कोर्ट के समक्ष रखी गई। वहीं वाद संख्या 13 में वाद भी बिंदु तय करने को लेकर भी महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कोर्ट में अपनी दलील दी। अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि वह मुस्लिम पक्ष के द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के विरुद्ध कोर्ट में प्रार्थना पत्र देंगे। इस मामले पर अगली सुनवाई 12 सितम्बर को होगी।








