स्वतंत्रता दिवस पखवाड़े में होंगे सरकार के खिलाफ बड़े प्रदर्शन

भारतीय किसान यूनियन भानु छह अगस्त को हजारों ट्रैक्टर लेकर करेगा डीएम कार्यालय की ओर कूच

भारतीय किसान यूनियन टिकैत की स्वतंत्रता दिवस पर मथुरा में बड़ी पंचायत

भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक भी प्रशासन के खिलाफ बड़े मूवमेंट की अंदरखाने कर रहा तैयारी

मथुरा: 2 अगस्त2025 :

खरीफ फसलों के लिए डीएपी और यूरिया की जिले में बड़ी कमी से जूझ रहे किसान योगी सरकार के खिलाफ बड़े प्रदर्शनों की तैयारी में जुटे हैं। ये प्रदर्शन भारतीय किसान यूनियन के सक्रिय गुट भानु, अराजनैतिक और टिकैत के बैनर तले स्वतंत्रता दिवस पखवाड़े में ही होंगे। छह अगस्त को एक साथ हजारों ट्रैक्टरों में भरकर किसान जिला मुख्यालय की और कूच करेंगे। भानु गुट के इस शक्ति प्रदर्शन के बाद 14 अगस्त से यहां टिकैत गुट मथुरा में डेरा डाल कर तीन दिन तक संगठन की अगली रणनीति पर मंथन करेगा। इसी बीच में अराजनैतिक गुट भी प्रशासन के दावों की पोल खोलने के लिए एक दिन सड़क पर दहाड़ता हुआ नजर आएगा। 

खरीफ फैसलों में 60- 70 हजार हेक्टेयर रकबा में धान रोपाई की गई है।40- 50 हेक्टेयर में बाजरा बोया गया है। 30-40 हजार हेक्टेयर में कपास, चारे की फसल और तिल उड़द आदि बोया जाता है। धान की रोपाई के लिए जिन किसानों को डीएपी खाद नहीं मिल पाई, वे अब इसकी मांग फसल पर छिड़काव के लिए कर रहे हैं। वर्तमान में किसानों को डीएपी खाद सहकारी समिति और कृषि विभाग उपलब्ध नहीं करवा पा रहा है। यूरिया की मांग की भी पूर्ति नहीं हो पा रही है। जिला प्रशासन ने हाल में दावा किया है कि उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। प्रशासन के इस दावे ने किसानों के घावों पर नमक छिड़कने का काम किया है। इसका जवाब देने के लिए किसान संगठन सक्रिय हो गए हैं और किसानों की खाद के अलावा बिजली और नहर बम्बों की दुर्दशा को मुद्दा बना कर जिला मुख्यालय पर आने की तैयारी गांव गांव कर रहे हैं।

किसानों को समय पर डीएपी यूरिया खाद नहीं मिल पा रहा है। महीने भर से ज्यादा समय से सहकारी समिति और बिक्री सेंटर बंद पड़े हैं। विद्युत आपूर्ति नियमित और निर्धारित की गई अवधि से भी कम मिल पा रही है, नहर बम्बों की हालत बद से बदतर हो गई है। हर किसान प्रशासन के झूठे दावों से तंग आ गया है। छह अगस्त को हजारों ट्रेक्टर लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर किसानों की समस्याओं को हल करा कर ही वापस लौटाएंगे।

किसान नेता हरेश

 

हरेश ठैनुआ

राष्ट्रीय प्रवक्ता

भारतीय किसान यूनियन भानु

 

डीएपी और यूरिया की कमी किसी से छिपी नहीं है। जिला कृषि अधिकारी, सहायक आयुक्त सहकारी समितियां और इफको के अधिकारी मांग और आपूर्ति की नीति सही ढंग से नहीं बना रहे हैं। उर्वरक माफिया जिलों में तेजी से पनप रहे हैं। विद्युत निगम मनमानी कर रहा है। नियमित आपूर्ति बिजली की नहीं की जा रही है। सिंचाई विभाग ने किसानों की नाक में दम कर रखा है। ऐसे में किसानों की समस्याओं को ले कर खामोश नहीं रहा जा सकता। जल्द ही बड़ा आंदोलन होगा, जो निर्णायक होगा।

किसान नेता राजकुमार तोमर

राजकुमार तोमर

मंडल अध्यक्ष

भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक

 

भारतीय किसान यूनियन टिकैत का तीन दिवसीय चिंतन शिवर 14 अगस्त से मथुरा के किसान भवन में आरंभ होगा। इसमें चौधरी राकेश टिकैत की उपस्थित रहेगी। उनकी ही मौजूदगी में किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए रणनीति तय की जाएगी।

चौधरी करुआ सिंह

वरिष्ठ राष्ट्रीय प्रचार मंत्री भारतीय किसान यूनियन टिकैत

पत्रकार

मनोज चौधरी