गांवों की चौपाल देंगी श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के आंदोलन को नई धार

गांवों की चौपाल देंगी श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के आंदोलन को नई धार
चलो गांव कि ओर अभियान के तहत युवा वर्ग को जोड़ने का होगा प्रयास

बुजुर्गों के अनुभव और युवाओं की ऊर्जा के संग आंदोलन को बढ़ाएंगे आगे

चलो गांव की ओर अभियान को संबोधित करते हुए श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट

मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के आंदोलन को गांव की चौपालें अब नई धार देने का काम करेंगी। पिछले वर्ष वृंदावन में हुई अंतर्राष्ट्रीय धर्म संसद में तय किए एजेंडे पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि केस के हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने अपने आगे कदम बढ़ा दिए हैं। ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के प्रथम पड़ाव स्थल गांव महोली (मधुवन) से आरंभ किए गए चलो गांव की ओर अभियान से संगठन को बड़ी ताकत मिलने जा रही है। बुजुर्गों के अनुभव के साथ युवाओं की ऊर्जा के संगम को लेकर न्यास भगवान श्री कृष्ण के गर्भ गृह स्थल पर मंदिर निर्माण का रास्ता साफ करने की अपनी रणनीति का भी न्यास अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने खुलासा कर दिया। हाल ही में हाईकोर्ट इलाहाबाद ने शाही ईदगाह मस्जिद को विवादित ढांचा घोषित किए जाने की मांग करने वाले प्रार्थना पत्र का निस्तारण कर दिया है। न्यायालय ने कहा है कि मुकदमा अभी प्राथमिक चरण में है। अभी वाद बिंदु भी तय नहीं किए गए हैं। लिहाजा अभी विवादित ढांचा घोषित करना उपयुक्त प्रतीत नहीं होता है। मूलवाद पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। मूलवाद यथावत चलता रहेगा। इस मामले की सुनवाई 18 जुलाई को होगी।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने 27 नवम्बर 2024 को वृंदावन में बुलाई अंतर्राष्ट्रीय धर्म संसद में देश विदेश के संतों की सहमति से जो एजेंडा तय किया गया था। उसी एजेंडा के क्रम को आगे बढ़ाते हुए 23 जून को ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग के पहले पड़ाव स्थल गांव महोली मधुवन से चलो गांव की ओर अभियान की शुरुआत भी इसी एजेंडे की नीति का ही एक हिस्सा थी। महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण हिंदुओं के आराध्य देव हैं। बृजवासियों के पूर्वज हैं। हम हिंदू हैं और क्षत्रिय भी। हम अपने आराध्य देव को उनके ही प्राकट्य स्थल पर एक भव्य विशाल मंदिर मे विराजमान होता देखना चाहते हैं। इसके लिए लिए ही वह न्यायालय की शरण में शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने की मांग को ले कर गए। हिंदुओं को उनका इतिहास याद दिला कर उन्हें संगठित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन चला रहे हैं। इनमें हिंदू चेतना यात्रा, हस्ताक्षर अभियान, महासंवाद और हिंदू जागरूकता अभियान के कार्यक्रम शामिल हैं। गोवर्धन के मुड़िया पूर्णिमा मेला में भी जागरूकता और हस्ताक्षर अभियान चलाया था। चलो गांव की ओर अभियान के तहत बुजुर्गों के अनुभव साझा किए जाएंगे। संगठन में युवाओं को दायित्व सौंपे जाएंगे। विधर्मी अलग अलग तौर तरीके अपना कर हिंदू धर्म पर लगातार कर रहे हमलों को विफल करने के लिए हिंदुओं को संगठित करने का कार्य भी किया जाएगा। न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा, बलरामपुर में पकड़े गए जलालुद्दीन उर्फ छांगुर ने पांच सो करोड़ रुपए का विदेशों से फंड लिया और उन धनराशि को हिंदू धर्म और हिंदू महिलाओं को शिकार करने पर खर्च कर रहा था। ऐसे विधर्मियों की साजिशों को नाकाम करने के लिए हिंदुओं को संगठित करने के कार्य में यह अभियान मील का पत्थर साबित होगा।

उन्होंने बताया कि न्यास एक ऐसा वातारण तैयार करने का कार्य कर रहा है, जो सनातन धर्म के कवच के रूप में उभर कर के दुनिया के सामने आएगा। इतना ही तभी न्यास का सपना ‘आ गए हैं अवध बिहारी और अब आएंगे श्रीकृष्ण मुरारी’ पूरा होगा। इसी नारे को वह बुलंद करने का कार्य कर रहे हैं।