मथुरा
जिले में पनीर निर्माण से लेकर केला पकाने प्लांट और कृष्णा नगर की खानपान की चौपाटी तक खाद्य पदार्थ तक सब कुछ असुरक्षित ढंग से बेचा जा रहा है। इसका खुलासा किया है खाद्य सुरक्षा विभाग ने। इन क्षेत्रों में की गई कार्रवाई में यह तथ्य सामने आया है।
भीषण गर्मी का दौर चल रहा है। अस्वच्छ वातावरण में खाद्य पदार्थों के निर्माण उनकी बिक्री किया जाना सेवन करने वाले लोगों को अस्पताल में भर्ती करवा सकता है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसपी तिवारी और धर्मेंद्र सिंह ,देवराज सिंह ,अरुण कुमार दलवीर सिंह नौहझील क्षेत्र में आज सहायक आयुक्त डॉक्टर गौरी शंकर के निर्देशन में एक पनीर प्लांट का निरीक्षण किया। इसमें बनाए जा रहे पनीर के बीच अस्वच्छता मिली। अप मिश्रक पदार्थ भी पनीर प्लांट परिसर रखे मिले। एक केला पकाने वाले प्लांट का संचालक लाइसेंस प्रस्तुत ही नहीं कर सका। उसको नोटिस जारी किया गया। शहर के कृष्ण नगर स्थित चौपाटी में खाद्य पदार्थों की स्टालो की जांच कर पनीर, ग्रेवी, तथा भाजी के नमूने संग्रहित किए गए। अधिकांश स्ट्रीट वेंडर्स को खाद्य पदार्थ को बनाते तथा विक्रय करते समय हेड कैप ,अप्रैन तथा ग्लव्स का उपयोग नहीं कर रहे थे। इनको हिदायत देकर छोड़ दिया गया।
अपील
जूस कार्नर, लस्सी विक्रेताओं से अपील की गई है कि वह सड़े गले फलों और हानिकारक रंगों एवं घाटिया किस्म की बर्फ का प्रयोग ना करें। इनका प्रयोग किए जाने से मानव जीवन के लिए खतरा पैदा हो सकता है।

-डॉक्टर गौरी शंकर सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन मथुरा।








