भारत दाल स्कीम में हुए पांच सौ करोड़ के घोटाले की जांच के आदेश

हैदराबाद एग्रीकल्चर को-ऑपरेटिव (एच ए सी ए) ने नेशनल एग्रीकल्चर को-ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (नेफेड) की भारत दाल स्कीम में हुए  घपले की जांच आदेश उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने एक फरवरी को जांच के आदेश कर दिए हैं। उपनिदेशक राजीव कुमार ने संबंधित अधिकारियों से जवाब भी तलब कर लिया है और कहा कि एचएसीए को दाल को बाजार भाव से कम पर बेचना था, पर हाका ने चना ही बेच दिया। इस पूरे मामले की शिकायत मथुरा के ही एक व्यक्ति ने की थी।

 

-इस मामले घपले का खुलासा aditya mangal . Com ने 28 जनवरी को किया  था।

कांग्रेस की तेलंगाना राज्य सरकार के अधीन हैदराबाद एग्रीकल्चर को-ऑपरेटिव (एच ए सी ए) ने नेशनल एग्रीकल्चर को-ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (नेफेड) ने चना स्कीम को पलीता लगा दिया। यह योजना महंगाई को नियंत्रित करने के लिए लागू की गई थी। करीब 15 लाख कुंतल चना की ‘भारत दाल’ बना करके बाजार भाव से कम मूल्य पर बेचने की योजना में बड़ी हेराफेरी करके 500 करोड़ रुपये की इस स्कीम में बड़ा गोलमाल किया गया। इसकी शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय, भारत सरकार केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्योग राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के कार्यालय में की गई है। नेफेड के एमडी, सीबीआई डायरेक्टर समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को भी की गई है।
नेशनल एग्रीकल्चर को-ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (नेफेड) ने करीब 15 लाख चना को प्रोसेसिंग कर दाल बनाने और आम उपभोक्ता को राहत देने के लिए बाजार भाव से कम मूल्य पर बाजार में ही बेचने का टेंडर हैदराबाद एग्रीकल्चर को-ऑपरेटिव को दिया गया। मगर, हैदराबाद एग्रीकल्चर को-ऑपरेटिव ने इसकी भारत दाल नहीं बनाई और इस चने को ही सीधे दाल मिलो को सीधे बेचना शुरू कर दिया गया है। सड़क परिवहन और रेल परिवहन के जरिए से दिल्ली, महाराष्ट्र और राजस्थान और अन्य शहरों में में भेजा जा रहा है। इसका सीधा असर गरीब पर पड़ रहा है। फिलहाल उनके सस्ती दर पर चना दाल नहीं मिल पा रही है। बड़े व्यपारी इसका लाभ उठा रहे हैं। इसमें बड़े अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। सूत्रों के अनुसार, गरीबों के हक को डकारने के चल रहे इस खेल की शिकायत केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्योग राज्यमंत्री, भारत सरकार साध्वी निरंजन ज्योति से की गई है। खाद्य आयुक्त भारत सरकार, सीबीआई निदेशक, एमडी नेफेड समेत अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की। हैदराबाद एग्रीकल्चर को-ऑपरेटिव (एचएसीए) के कारनामें की जांच कर इस गड़बड़झाला पर तत्काल रोक लगाने की भी मांग की है। एचएसीए के ऊपर जो गंभीर आरोप लगाया है। उसकी जांच के लिए विभिन्न मार्गों के टोल प्लाजा से पास हुए चना और रेलवे से किए जा रहे परिवहन की एंट्री को बड़ा साक्ष्य बताया है। सूत्रों कहना है कि एक रैक जल्द दिल्ली पहुंचने वाली है। इसको रोका जाए तो एचएसीए की करतूत उजागर हो जाएगी। सूत्रों का कहना है कि जब तक इस पूरे प्रकरण की जांच न हो जाए। तब तक जल्द दिल्ली पहुचाने वाली रैक और सड़क परिवहन से आ रहे इस चना को रोक दिया जाए और जांच के बाद ही आगे की कर्रवाई की जाए।
नेफेड के एमडी रोहित चौहान से  बातचीत की गई तो उनका कहना था कि इस मामले से उनका कोई सबंध नहीं है। पूरा प्रकरण हैदराबाद एग्रीकल्चर को-ऑपरेटिव (एचएसीए) से संबधित है। जबकि आरोपों के घेरे में हाका ही है।