वृंदावन परिक्रमा मार्ग के हेरिटेज स्वरूप को बिगाड़ रहे कई व्यवसाय

-बाधक बन रहे व्यवसाय कराए जाएंगे शिफ्ट, अस्थाई अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई आरंभ
-सड़क पर रखे विद्युत ट्रांसफारमर और खंभे भी हटाए जाएंगे, फरवरी तक हो जाएगा सीवर लाइन बिछाने का कार्य पूरा
मथुरा: वृंदावन की 11 किलोमीटर लंबे परिक्रमा मार्ग के हेरिटेज स्वरूप को कई व्यवसाय बिगाड़ रहे हैं। यहां से इनको दूसरे स्थान पर स्थानांतरण किया जाएगा। शुक्रवार से अस्थाई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जिला प्रशासन ने शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले वर्ष वृंदावन भ्रमण के समय यहां की 11 किलोमीटर लंबी परिक्रमा मार्ग में सुधार की जरूरत बताते हुए इसे हेरिटेज स्वरूप देने के निर्देश उप्र. ब्रज तीर्थ विकास परिषद को दिए थे। शुक्रवार को परिषद के उपाध्यक्ष शैलाजाकांत मिश्र के साथ डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष नगेंद्र प्रताप, एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय और नगर आयुक्त शशांक चौधरी ने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ परिक्रमा मार्ग का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। डीएम ने बताया, परिक्रमा मार्ग को हेरिटेज स्वरूप देने में कई बाधाओं का सामना फिलहाल करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर ज्यादातर लोगों ने अस्थाई अतिक्रमण कर रखा है। इसे हटाने की कार्रवाई तत्काल प्रभाव से आरंभ कर दी गई है। परिक्रमा मार्ग में वेल्डिंग कार्य जैसे कई ऐसे व्यवसाय स्थापित है, जो परिक्रमा मार्ग के हेरिटेज स्वरूप को बिगाड़ रहे है। इनको दूसरे स्थान पर स्थानांतरण कराया जाएगा। जल निगम ने परिक्रमा मार्ग में सीवर लाइन बिछाने का कार्य किया है, जो अभी पूरा नहीं हुआ है। कई स्थानों पर खोदाई की गई, पर अभी मरम्मत का कार्य वहां नहीं कराई गई है। जल निगम ने फरवरी माह के अंत तक कार्य पूर्ण करने का वायदा किया है। सड़क के मध्य और किनारों पर विद्युत ट्रांसफारमर और खंभे आ रहे हैं। इनको भी हटाया जाएगा। कच्ची परिक्रमा मार्ग पर कई दिक्कतें आ रही हैं। कई स्थानों पर अभी कनेक्टविटी नहीं है, वहां कनेक्टविटी भी की जाएगी। डीएम ने कहा, साफ-सफाई की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। इसको और बेहतर बनाया जाएगा। अभी तक यहां 60 सफाई कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। इनकी संख्या दोगुनी की जाएगी। घाटों की सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। कुछ स्थानों पर रोपे गए पौधे खराब हो गए हैं, उनके स्थान पर नए पौधे रोपे जाएंगे।
-टीन शेड की व्यवस्थाः वृंदावन में सप्तदेवालयों के दर्शन करने के लिए लाखों तीर्थयात्री आते हैं। इनमें तमाम तीर्थयात्री ऐसे भी हैं, जो होटल और सराय में ठहरने का खर्च वहन नहीं कर पाते हैं। वह परिक्रमा मार्ग समेत अन्य स्थानों पर ही ठहरते हैं। डीएम ने बताया, इन यात्रियों के ठहरने के लिए अलग से टीन शेड की व्यवस्था कराई जाएगी।