सरकार की वायदा खिलाफी को लेकर सड़क पर उतरी भाकियू

 

-किसानों की समस्याओं का हल न होने पर भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी
मथुरा: बिजली, सिंचाई को पानी और बेसहारा गोवंश के द्वारा फसलों में पहुंचाएं जा रहे नुकसान आदि को मुद्दा बनाकर भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने मोदी और योगी सरकार को घेरना आरंभ कर दिया है। कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम दिए ज्ञापन में यूनियन नेताओं ने किसानों के साथ वायदा खिलाफी किए जाने का आरोप राज्य सरकार पर लगाया। साथ ही किसानों की सुध न लेने पर आगामी लोकसभा चुनाव में सरकार को करारा जवाब देने की भी बात कही।
मुख्यमंत्री ने पिछले बजट सत्र में किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली की आपूर्ति दिए जाने की घोषणा की थी, पर अभी इस पर अमल नहीं हो सका है। निजी नलकूपों पर मीटर लगाने की कार्रवाई जारी है। गन्ना पेराई सत्र आरंभ हुए दो महीने से अधिक का समय गुजर गया, पर अभी तक गन्ने के मूल्य में कोई भी बढ़ोतरी सरकार ने अपने वायदे के मुताबिक नहीं की है। बेसहार गोवंश आज भी किसानों की फसलों को उजाड़ रहा है। इनको संरक्षित करने में राज्य सरकार अभी तक नाकाम ही रही है। गोवंश खेतों में घुसकर फसलों को उजाड़ रहे हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी को लेकर केंद्र ने कोई कानून नहीं बनाया है। समय पर किसानों को उर्वरक और बीज भी नहीं मिल पा रहे है। इन सब प्रकरणों को लेकर भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने आज जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। प्रदेश प्रवक्ता एवं मध्यप्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह परिहार ने कहा, सरकार समय रहते अगर उनकी मांगों को स्वीकार नहीं करती है तो आने वाले चुनाव में भाजपा को इसके गंभीर परिणाम देखने को मिलेंगे। जिलाध्यक्ष धर्मवीर सिंह ने कहा, जिले में किसानों की समस्याओं का हल नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। सरकार और प्रशासन को ज्ञापन दे करके आगाह कर दिया गया है। जिलाधिकारी की बतौर प्रतिनिधि डिप्टी कलक्टर नीलम श्रीवास्तव को ज्ञापन दिया गया। जगदीश परिहार, देवेंद्र रघुवंशी, धीरी सिंह, रंधीर सिंह, रणवीर प्रधान, गणेश तोमर, अमन चाहर, दयाराम चौधरी समेत बड़ी संख्या मेें यूनियन के पदाधिकारी मौजूद रहे।