तबीयत खराब होने पर कराया गया था अस्पताल में भर्ती
मथुराः आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे एक कैदी को बुधवार रात कारागार में हार्ट अटैक पड़ गया। कैदी पहले से ही श्वांस की बीमारी से ग्रसित थे। सांस लेने पर तकलीफ होने पर उनका जेल के अस्पताल में उपचार चल रहा था। रात को ज्यादा तबीयत खराब होने पर उनको जिला अस्पताल लाया गया। उपचार आरंभ होने से पहले ही कैदी ने दम तोड़ दिया।
थाना रिफाइनरी क्षेत्र के गांव भुडरसू निवासी किशनी (69) को अपने ही गांव के सुरेश की हत्या करने के मामले 25 जुलाई 2019 को आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा कोई ने सुनाई थी। इस मामले में न्यायालय ने 23 जुलाई को किशनी को दोष सिद्ध करार दिया था। उसी दिन उनको जेल भेज दिया गया। किशनी पहले से ही श्वांस की बीमारी से ग्रसित थे। एक जनवरी को उनकी तबीयत खराब हो गई। उनको जेल के अंदर ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ। रात में उनको सांस लेने में तकलीफ हुई तो जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन यहां चिकित्सक उपचार आरंभ करते उससे पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। जेलर एमपी सिंह ने बताया, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कैदी की मौत का कारण हार्टअटैक से होना बताया गया है। मरने वाले कैदी के पुत्र रवि ने बताया, गांव में जमीन को लेकर उनकी गांव के ही बच्चू और सुरेश से रंजिश चली आ रही है। इसी रंजिश में उनके ताऊ गिर्राज की 10 मार्च 2010 को हत्या हुई थी। इसके बाद 6 जनवरी 2013 में सुरेश की हत्या हो गई। सुरेश की हत्या में उनके पिता किशनी समेत पांच लोगों को सजा हुई थी। उसके पिता की मृत्यु की जानकारी रात को जेल प्रशासन के द्वारा दी गई थी।








