
-मां की हत्या, पिता के जेल जाने के बाद एक तरह से हो गए थे अनाथ
-तीन बीघा जमीन का बैनामा कराया वापस, आठ लाख का चेक और सवा तीन लाख नकद दिए
-थाना कोसीकलां प्रभारी ने योगी सरकार के मिशन शक्ति की सार्थकता को किया सिद्ध, फक्र से खाकी का सीना भी किया ऊंचा
मथुरा:
हजार बर्क गिरे लाख आंधियां उठें, वो फूल खिल के रहेंगे जो खिलने वाले हैं। हताना गांव की बेटी पूजा (10) बेटा दिलीप (12) और प्रदीप (14) का भी जीवन खिलने से पहले ही मुरझा गया था। जब पिता ने मां की हत्या कर दी और खुद सलाखों के पीछे पहुंच गया। उजड़ चुके इन नाबालिग बहन और भाइयों के चमन को थाना कोसीकलां प्रभारी अनुज कुमार राणा ने पुलिस कप्तान शैलेंद्र कुमार पांडेय के निर्देशन में खुशियों से भर दिया। और प्रदेश में खाकी का सीना भी फक्र से ऊंचा करने का काम किया। इतना ही नहीं, साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चौथे चरण के मिशन शक्ति अभियान की सार्थकता में एक नया अध्याय भी जोड़ा।
ये दर्द भरी कहानी है, थाना कोसीकलां के गांव हताना की। अपने दो भाई और पिता का कत्ल करने के बाद जेल से नौ साल बाद जमानत पर रिहा होकर आए महेश ने अपनी पत्नी मछला की भी हत्या कर दी। हाल ही में थाना कोसीकलां प्रभारी अनुज कुमार राणा ने इस हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए महेश को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मछला की हत्या के बाद उसकी एक बेटी पूजा, दो बेटे दिलीप और प्रदीप एक तरह से अनाथ हो गए। पिता महेश ने गांव की तीन बीघा जमीन को पत्नी की हत्या से पहले ही बेच दिया। मथुरा शहर के एक प्लाट को भी हाल ही में उसने बेच दिया था। अब तीनों नाबालिगों के सामने जीवन की कठिन चुनौतियां खड़ी हो गईं। न धन रहा, न मां का प्यार। जमीन भी हाथ से चली गई। मगर, एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय के निर्देशन में इन तीनों के जीवन की खुशियां लौटने का काम इंस्पेक्टर अनुज कुमार राणा ने तब किया, जब वह गांव हातना में मिशन शक्ति की चौपाल लगाने के लिए पहुंचे। ग्रमीणों से बातचीत हुई और मालूम हुआ कि महेश जमीन को भी बेच गया और भूखंड को भी। तीनों बहन भाइयों के जीवन बसर का प्रश्न भी मिशन शक्ति चौपाल पर उठाया गया और ग्रामीणों ने पुलिस से तीनों बच्चों की मदद की मांग भी की। यहीं से थाना प्रभारी राणा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चौथे चरण के मिशन शक्ति अभियान की सार्थकता को साबित करने की पहल आरंभ की। पहले बच्चों को प्लाट बेचने से प्राप्त हुए 3.20 लाख रुपये नकद और किराए के मकान से तलाशी में प्राप्त हुए आठ लाख रुपये का चेक दिया। थाना प्रभारी अनुज राणा ने इससे भी बढ़ कर वह कार्य किया जो किसी चुनौती से कम न था। महेश ने जिस तीन बीघा जमीन को बेच दिया था। उसका ग्रामीणों के सहयोग से बैनामा वापस भी कराया और अब तीनों के पास गुजर बसर के लिए जमीन भी हो गई और नकदी भी। थाना प्रभारी ने बताया, महेश ने जिस प्लाट को मथुरा में बेचा था, उसकी किसी को कोई जानकारी नहीं थी। वह तो पूछताछ मे महेश ने पुलिस को बताया था। तकलीफों से घिरे तीनों बच्चों के लिए किए गए कार्य को लेकर उन्होंने कहा, यही पुलिस की ड्यूटी है, जो उन्होंने पूरी की है। थाना कोसीकलां के उप निरीक्षक प्रवीन तेवतिया, तेजेन्द्र सिंह, हैड कांस्टेबल सुमित कुमार, मधुवेन्द्र सिंह, कांस्टेबल अजय कुमार, लोकेश कुमार और राघवेन्द्र सिंह ने भी इस कार्य में सहयोग किया।








