विषमुक्त खेती को गांवों में बनने लगा वर्मी कंपोस्ट
भारत सरकार के नोडल अधिकारी ने किया ग्राम पंचायतों का अवलोकन
मनोज चौधरी
Aaditya mangal news
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरगामी सोच और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कुशल शासन प्रबंधन के साथ ही कई सालों की कड़ी मेहनत से ही विषमुक्त खाद्यान्न पैदा करने को गांव में ही किसानों को जैविक खाद के सृजन के अवसर मिलने लगा है। सामूहिक और व्यक्तिगत तौर पर किसान वर्मी कंपोस्ट बनाने लगे हैं। स्वच्छ भारत मिशन भारत सरकार के नोडल अधिकारी रजनीश वर्मा ने जिले की आधा दर्जन ग्राम पंचायतों का स्थलीय निरीक्षण किया। विषमुक्त खाद्यान्न उगाने के लिए किसानों के बढ़ते हुए कदमों का श्रेय जिला पंचायत राज अधिकारी किरण चौधरी को दिया। कहा, खेती में वर्मी कंपोस्ट का प्रयोग करने से सरकार के ऊपर रसायनिक उर्वरक के रूप में बढ़ रही सब्सिडी का बोझ कम होगा और मृदा की उर्वरा शक्ति में भी बढ़ोतरी होगी।
एक जमाना था, जब किसान गोबर, घरेलू सूखे-गीले कचरे को गांव के बाहर घूरे पर डाल

देता था। कचरे का ठीक तरह से प्रबंधन नहीं करता था। इसी को वह देसी खाद मान भी चुका था। जिसे किसान देसी खाद कह रहा थाए वह मृदा की उर्वरा शक्ति में इजाफा करने के अधिक ताकतवर साबित नहीं हो रहा था। जो रासायनिक उर्वरक खेतों में डाले रहे थे। वह मृदा को जहरीला बना रहे थे। किसानों के मित्र और शत्रु कीटों को मार रहे थे। मिट्टी से भी जो खाद्यान्न पैदा हो रहा थाए उसमें जहरीले रसायनों विभिन्न प्रयोगशालाओं में हुए खाद्यान्न परीक्षण की रिपोर्ट में पाए जा रहे थे। इन खाद्यान्नों का सेवन मानव और पशु दोनों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा था।
<span;>तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों से विषमुक्त खाद्यान्न पैदा करने की अपील की। साथ ही इसके लिए एक उचित माहौल तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने प्रधानमंत्री की इस सोच को आगे बढ़ाने के लिए कड़ा परिश्रम किया और इस कार्य को अंजाम तक पहुंचाने का दायित्व पंचायतीराज विभाग को सौंपा। पंचायती राज विभाग के अफसरों ने इसके लिए धरातल पर कार्य किया।
<span;>इसी कार्य की हकीकत को देखने के लिए स्वच्छ भारत मिशन भारत सरकार के नोडल अधिकारी रजनीश वर्मा मथुरा दौरे पर आए हुए हैं। बलदेव विकास खंड की ग्राम पंचायत अवैरनी में वर्मी कंपोस्ट के लिए तैयार की गई चालीस पिट पर उनको गोबर और केंचुआ से तैयार की जा रही खाद को देखकर गदगद हो गए। इस खाद के प्रयोग किए जाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति में इजाफा होगाए पैदावार बढ़ेगीए रसायनिक उर्वरकों का प्रयोग कम होगा। साथ ही किसान भी विषमुक्त खेती करेंगे। जिला पंचायत राज अधिकारी किरण चौधरी ने बतायाए नगला चंद्रभानए कारबए भाहईए कुरकंदा और महवान बांगर का भी नोडल अधिकारी ने निरीक्षण किया। कूड़ा पृथ्थकरणए अमृत सरोवरए सिल्ट कैचरए सिल्ट चैंबरए व्यक्तिगत और सामुदायिक शौचालयों के साथ ग्राम सचिवालयों को भी भारत सरकार की टीम ने देखा। टीम को सभी कार्य बेहतर मिले और जिला पंचायतराज विभाग की टीम की सरहाना भी की।








