275 मौत, ये कैसा मलाल

मनोज चौधरी, आदित्य मंगल न्यूज

ओडिशा के बालेश्वर ट्रेन एक्सीडेंट का दृश्य
ओडिशा के बालेश्वर ट्रेन एक्सीडेंट का दृश्य

ओडिशा के बालेश्वर ट्रेन एक्सीडेंट में 275 यात्रियों की मौत,एक हजार से अधिक यात्रियों के घायल और कई के अपाहिज भी हुए है। उन्होंने अपने शरीर का कोई न कोई अंग इस हादसे में गंवाया है। जो उनको कृत्रिम अंग के रूप में मिलेगा। या यह भी नसीब नहीं होगा । वक्त पीड़ितों की मदद का है। मगर, यहां रेल सुरक्षा तकनीक और रेल मंत्री की योग्यता पर सवाल खड़े किए जा रहे है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से त्याग पत्र मांगा जा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के त्याग पत्र देने से जिन लोगों ने अपनों को इस हादसे में खो दिया, उनका दर्द कम नहीं होगा। जो अपाहिज हुए हैं, वे जीवन की अंतिम सांस तक इस घटना को भूल नहीं पाएंगे। रेलवे बोर्ड की आपरेशन एंड बिजनेस डवलमेंट की सदस्य जया वर्मा ने कवच की तकनीकी को सही ठहरा दिया है। रेलवे बोर्ड के ही अधिकारी इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग सिस्टम से छेड़छाड़ करने का मुद्दा उठाने लगे है। तकनीकी खराबी होने के कारण इस भीषण हादसे के होने की संभावना को ही सिरे से खारिज करने की बात कर रहे है। तर्क भी दे रहे है कि पटरी से लेकर पूरा ढांचा ध्वस्त हो चुका है। ऐसे में दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाना मुश्किल है। साथ ही मामले की जांच सीबीआइ को सौंपे जाने की सिफारिश करके हादसे की जबावदेही लेने से बचने की कोशिश भी कर रहे है। विपक्ष रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की विफलता को साबित करने को त्याग पत्र मांग रहा है। कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन ने प्रधानमंत्री पर नरेंद्र मोदी पर तंज कस दिया है, प्रधानमंत्री झंडी दिखाने में लगे रहते है। रेल सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहीं केंद्र सरकार इस समय घायलों के बेहतर उपचार पर ध्यान केंद्रित किए हुए है और साथ ही विपक्ष की राजनीति का इस घटना का जबाव पिछली घटनाओं के आंकड़े प्रस्तुत कर देने को मजबूर हो गई है। इस समय बहस, इस गलती से सबक लेकर आगे ऐसी पुनरावृत्ति न होने पर होनी चाहिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का इस्तीफा इस दर्द की दवा नहीं है। ऐसा दर्द फिर किसी को न हो, आज उस दर्द की दवा खोजने की आवश्यकता है। रेल सुरक्षा को त्रूटिहीन तकनीक के प्रयोग किए जाने की जरूरत है। जिस तरह कवच को रेलवे बोर्ड की आपरेशन एंड बिजनेस डवलमेंट की सदस्य जया वर्मा ने सुरक्षित होने का दावा किया है पर, उसकी परख भी आवश्यक है।