श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति यात्राएं क्या दे रही देश-दुनिया में संदेश ?

जागो हिंदू, अब आ गया भगवान श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मूल गर्भ गृह स्थल पर पुनः भव्य-दिव्य मंदिर निर्माण का समय

मथुरा। श्री कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद को लेकर श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एवं हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट की अगुवाई में चल रहा आंदोलन अब यात्राओं और जनजागरण के माध्यम से मथुरा से बाहर तक पहुंच रहा है। अलग-अलग शहरों और राज्यों से यात्राएं मथुरा पहुंच रही हैं। इससे आंदोलन को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट

 

प्रयागराज से शुरू हुई श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति संकल्प यात्रा बांदा और महोबा होते हुए मथुरा पहुंची। कोल-भील समाज की यात्रा भी मथुरा पहुंच चुकी है। इससे पहले बुलंदशहर समेत

ऐसे पकड़ रहा आंदोलन गति, अवश्य देखे।

 

कई शहरों से श्रद्धालुओं की यात्राएं मथुरा आ चुकी हैं। बंगाल, ओडिशा, दिल्ली समेत आठ राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने भी मूल गर्भ गृह स्थल पर मंदिर निर्माण का संकल्प लिया और अपने-अपने क्षेत्रों में जनजागरण करने की शपथ ली।

महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट का कहना है कि श्री कृष्ण जन्मभूमि का विषय केवल मथुरा या अदालत तक सीमित नहीं है। देशभर के हिंदुओं को

मथुरा में हिंदू और मुस्लिम पक्ष के बीच विवाद की असली वजह भी जाने।

इस विषय से जोड़ने के लिए जनजागरण जरूरी है। उनका कहना है कि आने वाले समय में देश के अलग-अलग हिस्सों से इससे भी बड़ी यात्राएं मथुरा पहुंचेंगी और आंदोलन को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।

महेंद्र प्रताप सिंह की अगुवाई में अब तक जन्मभूमि मुक्ति को लेकर विभिन्न जनसभाएं, महापंचायत, संत-श्रद्धालु कार्यक्रम,

आठ राज्यों के श्रद्धालुओं ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण की ली शपथ

यात्राओं का स्वागत, युवाओं के बीच जनजागरण और विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं के संकल्प कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। Gen Z के साथ कार्यक्रम के जरिए युवाओं को भी इस अभियान से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि यात्राओं के माध्यम से एक ही संदेश देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाया जा रहा है कि श्री कृष्ण जन्मभूमि के मूल गर्भ गृह स्थल पर भव्य-दिव्य मंदिर निर्माण की मांग को लेकर जनजागरण जारी रहेगा।

महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट का कहना है कि आने वाले समय में आंदोलन का स्वरूप और व्यापक होगा। नवंबर में कोल-भील समाज की बड़ी भागीदारी वाले कार्यक्रम की घोषणा भी की जा चुकी है। अब मथुरा की ओर आने वाली आगामी यात्राओं और प्रस्तावित बड़े आयोजनों पर लोगों की नजर है।