श्री कृष्ण जन्माष्टमी: गाएगा मथुरा, झूमेगा जग!

 

मनोज चौधरी मथुरा

जब ब्रज में बंशीधर की तान छिड़ती है, तो पूरी सृष्टि थिरक उठती है! इस बार जन्माष्टमी का पावन पर्व कुछ इसी अलौकिक और संगीतमय अंदाज़ में संपूर्ण विश्व को भावविभोर करने आ रहा है। पावन धाम कृष्ण-जन्मभूमि पर अनंत लीला पुरुषोत्तम भगवान कृष्ण के प्राकट्य दिवस के उपलक्ष्य में सिद्ध लीलामंच पर आयोजित होने वाली परंपरागत लीलाओं की तैयारियां अपने स्वर्णिम शिखर पर हैं।

कृष्ण-जन्मस्थान सेवा-संस्थान के सचिव कपिल शर्मा एवं प्रबंध समिति के सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने दिव्य आयोजन की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष रास और कृष्ण लीला की यह पावन धारा ‘कृष्ण लीला मंडल’ के भावपूर्ण सहयोग से प्रस्फुटित होगी। शास्त्रीय मर्यादाओं और ब्रज के रसिक भाव को समेटे यह मंचन सीधे भक्तों के हृदयों को तार-तार झंकृत करेगा। सुप्रसिद्ध रासाचार्य स्वामी देवकीनंदन जी महाराज के विशिष्ट मार्गदर्शन में उनकी मंडली द्वारा यह सुरम्य दर्शन प्रस्तुत किया जाएगा।

माखन-चोर लीला: जब हाथ फैलाकर प्रसाद बांटेंगे बाल-गोपाल!

आयोजन के प्रथम दिवस भक्तों को प्रभु की सुप्रसिद्ध ‘माखन-चोर लीला’ के रसमयी दर्शन प्राप्त होंगे। संतों की पावन मान्यता है कि बाल-गोपाल के हाथों प्राप्त माखन-प्रसाद को जो भी श्रद्धालु पूर्ण श्रद्धा और भाव से ग्रहण करता है, उसके जीवन में भगवती अन्नपूर्णा की अटूट कृपा बरसती है। संस्थान ने परिसर में पधारने वाले प्रत्येक भक्त तक इस दिव्य माखन प्रसाद को पहुँचाने के लिए विशेष इंतज़ाम किए हैं।

शास्त्रों और संतों का कहना है कि कृष्ण-जन्मभूमि के इस पावन आंगनों में घटने वाली लीलाओं में ब्रज के रसिकों को स्वयं ठाकुरजी के प्रत्यक्ष साक्षात की अनुभूति होती है। देश-विदेश के कोने-कोने से खिंचे चले आने वाले श्रद्धालु जब इस भावमयी लीला का दर्शन और स्मरण करते हैं, तो राधा-कृष्ण की सहज करुणा का अमृत स्वतः बरस पड़ता है।

इस अनूठे और भव्य उत्सव को यादगार बनाने के लिए कृष्ण लीला मंडल की कार्यकारिणी के सदस्य मुकेश खंडेलवाल (एडवोकेट), कन्हैया लाल (रंग वाले), महेश चंद (प्रेसवाले), ब्रजकिशोर (घी वाले), अनिलभाई तथा राजीव गुप्ता सहित पूरी टीम समर्पित भाव से अहोरात्र सेवा में जुटी हुई है।