ब्रज बिहारी गौतम
_______________________________सामाजिक कार्यकर्ता ने मुख्यमंत्री को भेजा शिकायती पत्र, ADM स्तर के अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग
मथुरा/छाता। छाता तहसील क्षेत्र में सरकारी और ग्राम समाज की भूमि पर कथित अवैध कब्जे को लेकर तहसीलदार सचिन पवार के खिलाफ मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी गई है। ग्राम एवं पोस्ट सूरीरकली निवासी सामाजिक कार्यकर्ता एवं भाजपा सदस्य मनीराम पाठक ने 21 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में तहसीलदार की भूमिका समेत पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि छाता तहसील क्षेत्र में ग्राम समाज की भूमि, आवासीय पट्टों तथा वृक्षारोपण के लिए सुरक्षित भूमि से संबंधित मामलों में राजस्व नियमों की अनदेखी की गई। उन्होंने शिकायत में संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने का अनुरोध किया है।PDFGallery_20260827_165421
पट्टे की भूमि को लेकर भी शिकायत
शिकायत में वर्ष 2003 में अनुसूचित जाति के भोलू और शहीद को दिए गए आवासीय पट्टों का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, लंबे समय तक इन पट्टों की भूमि पर कब्जा अथवा निर्माण नहीं हुआ। इसके बावजूद बाद में भूमि के संबंध में कार्रवाई किए जाने पर उन्होंने सवाल उठाए हैं।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उक्त भूमि से संबंधित अभिलेखीय प्रक्रिया में करतार सिंह का नाम सामने आया और भूमि पर कब्जे की स्थिति बनी। उन्होंने इस पूरे मामले की राजस्व अभिलेखों के आधार पर जांच कराने की मांग की है।
वृक्षारोपण की भूमि पर निर्माण का दावा
शिकायत में शेरगढ़-नौहझील मुख्य मार्ग स्थित वृक्षारोपण के लिए सुरक्षित बताई गई भूमि का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि करीब 400 वर्गगज से अधिक भूमि की पैमाइश को लेकर अनियमितता हुई और बाद में वहां पांच व्यावसायिक दुकानों तथा पक्की बाउंड्रीवाल का निर्माण किया गया।
शिकायतकर्ता ने संबंधित भूमि की दोबारा निष्पक्ष पैमाइश कराने, राजस्व अभिलेखों से मौके की स्थिति का मिलान कराने और यदि भूमि सरकारी पाई जाए तो नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
स्थानीय स्तर के बजाय ADM से जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने यह भी आशंका जताई है कि मामले में तहसील स्तर के अन्य अधिकारी भी प्रभावित हो सकते हैं। इसी आधार पर उन्होंने स्थानीय स्तर पर जांच कराने के बजाय अपर जिलाधिकारी स्तर के किसी अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध मुख्यमंत्री से किया है।
शिकायत के साथ पट्टों की छायाप्रति, संबंधित प्रार्थना पत्र, भूमि का नक्शा और खतौनी सहित अन्य दस्तावेज संलग्न किए जाने की बात कही गई है।
शिकायतकर्ता की मांग है कि जांच में यदि लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों एवं अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए और सरकारी भूमि पर किसी प्रकार का अवैध कब्जा पाए जाने पर उसे हटाया जाए।
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इस संबंध में तहसीलदार सचिन पवार का पक्ष खबर लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका। उनके पक्ष अथवा स्पष्टीकरण के लिए संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी। शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और संबंधित अधिकारियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।






