लखनऊ अग्निकांड के बाद सीलिंग अभियान पर उठे सवाल, व्यापारियों और छात्रों के हितों की रक्षा की मांग

 

लखनऊ अग्निकांड के बाद सीलिंग अभियान पर उठे सवाल, व्यापारियों और छात्रों के हितों की रक्षा की मांग

 

कन्हैया अग्रवाल

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मथुरा, 26 जून। लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे सीलिंग अभियान को लेकर नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महानगर महामंत्री एवं छात्र अभिभावक कल्याण संघ के संरक्षक शशिभानु गर्ग ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन अपनी नाकामी और संबंधित विभागों की लापरवाही को छिपाने के लिए जल्दबाजी में कार्रवाई कर रहा है, जिससे व्यापारी, छात्र और अभिभावक सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।

शशिभानु गर्ग

शशिभानु गर्ग ने कहा कि यदि व्यावसायिक भवनों, गेस्ट हाउस, होटलों और कोचिंग संस्थानों में नियमों का उल्लंघन हो रहा था, तो संबंधित विभागों के अधिकारी अब तक क्या कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्षों से ऐसे प्रतिष्ठान संचालित हो रहे थे, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।

उन्होंने कहा कि हजारों और लाखों रुपये की फीस जमा कर अपने बच्चों का भविष्य संवारने का सपना देखने वाले अभिभावक आज कोचिंग संस्थानों के बंद होने से चिंता में हैं। छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और अभिभावकों के सामने फीस तथा भविष्य दोनों का संकट खड़ा हो गया है।

व्यापार मंडल के महामंत्री ने यह भी कहा कि जिन भवनों को सील किया जा रहा है, उनमें संचालित छोटी-छोटी दुकानों को भी बंद कर दिया गया है, जबकि उन दुकानदारों का भवन की अनियमितताओं से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। इससे अनेक परिवारों की आजीविका पर संकट उत्पन्न हो गया है।

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उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए भवन स्वामियों को पहले नोटिस देकर आवश्यक मानकों को पूरा करने के लिए उचित समय दिया जाए। यदि निर्धारित अवधि के बाद भी नियमों का पालन न किया जाए, तभी सीलिंग जैसी कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही छात्रों के हितों की रक्षा और अभिभावकों की समस्याओं के समाधान के लिए भी ठोस व्यवस्था की जाए।

शशिभानु गर्ग ने कहा कि पूरे मामले में संबंधित विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर उनके खिलाफ भी आवश्यक और कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियां दोबारा उत्पन्न न हों।