उपेक्षा की मार झेल रही राजा ठाकुर रूप सिंह की ऐतिहासिक समाधि छतरियां, संरक्षण की उठी मांग

नृपति सिंह फौजदार डीग जिला डीग

नृपति सिंह फौजदार डीग जिला डीग

डीग। ऐतिहासिक नगरी डीग में नई सब्जी मंडी क्षेत्र स्थित राजा ठाकुर श्री रूप सिंह जी एवं उनकी धर्मपत्नी की समाधि छतरियां आज संरक्षण के अभाव में अपनी पहचान खोने के कगार पर पहुंच गई हैं। भरतपुर-डीग राजवंश की गौरवशाली विरासत मानी जाने वाली यह धरोहर न केवल क्षेत्र के समृद्ध इतिहास की साक्षी है, बल्कि यदुवंशी जाट शासकों की सांस्कृतिक एवं स्थापत्य परंपरा का भी महत्वपूर्ण प्रतीक है।

बताया जाता है कि राजा ठाकुर श्री रूप सिंह जी, बृजराज बृज बृजेन्द्र सवाई महाराजा श्री बदन सिंह जी के बड़े भाई थे तथा डीग एवं नन्दगांव क्षेत्र के जागीरदार रहे। उनकी स्मृति में निर्मित ये भव्य छतरियां अपने समय में उत्कृष्ट वास्तुकला, कलात्मक नक्काशी और राजसी वैभव का अद्भुत उदाहरण थीं।

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स्थानीय लोगों के अनुसार वर्षों से उपेक्षा का शिकार यह स्मारक धीरे-धीरे जर्जर होता जा रहा है। भवन की दीवारों, छतों और कलात्मक संरचनाओं पर समय की मार स्पष्ट दिखाई देती है। इसके अलावा आसपास बढ़ते अतिक्रमण ने भी इस ऐतिहासिक स्थल की गरिमा को प्रभावित किया है।

इतिहास प्रेमियों का कहना है कि यदि समय रहते संरक्षण एवं जीर्णोद्धार के प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्र की यह महत्वपूर्ण धरोहर गंभीर क्षति का सामना कर सकती है। उनका मानना है कि यह केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि ब्रज क्षेत्र के गौरवशाली अतीत और यदुवंशी जाट राजवंश की विरासत का जीवंत प्रमाण है।

स्थानीय नागरिकों और इतिहास प्रेमियों ने पुरातत्व विभाग, जिला प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि इस ऐतिहासिक स्मारक को अतिक्रमण मुक्त कराकर इसके संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण की ठोस योजना बनाई जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपने इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें।

इतिहास की यह अमूल्य धरोहर आज संरक्षण की बाट जोह रही है। प्रश्न यह है कि क्या संबंधित विभाग और समाज मिलकर इसे बचाने के लिए आगे आएंगे?