मनोज चौधरी
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित एक कोचिंग सेंटर में सोमवार को भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगते ही भवन में धुआं भर गया, जिससे अंदर मौजूद छात्रों में अफरा-तफरी मच गई। कई छात्रों ने अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों और ऊपरी मंजिलों से छलांग लगा दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग तेजी से फैलने के कारण छात्रों को बाहर निकलने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दमकल कर्मियों ने सीढ़ियों और अन्य संसाधनों की मदद से छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार और प्रभावित छात्रों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल भी जाना।
वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत कार्य तेज करने और आग लगने के कारणों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल दमकल विभाग ने आग पर काबू पा लिया है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग का संभावित कारण माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। वहीं, इस घटना में 14 छात्रों की मृत्यु की सूचना है और कई घायल बताए जा रहे हैं। इधर, मुख्यमंत्री भी अलीगढ़ दौरे से वापस लखनऊ पहुंच गए ।
यह हादसा एक बार फिर शिक्षण संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की स्थिति पर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों ने कोचिंग सेंटरों में फायर सेफ्टी व्यवस्था की नियमित जांच की मांग की है।








