अधिवक्ता परिषद बृज मथुरा इकाई की स्वाध्याय मंडल बैठक संपन्न, धारा 125 CrPC एवं BNSS पर हुई विस्तृत चर्चा

निमेष कुमार गर्ग, अधिवक्ता 

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मथुरा। आज दिनांक 29 मई 2026 को दोपहर 12 बजे बौहरे कन्हैयालाल हॉल में अधिवक्ता परिषद बृज मथुरा इकाई के अध्यक्ष के आदेशानुसार स्वाध्याय मंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक का शुभारंभ वंदे मातरम् गान के साथ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री सूर्यवीर सिंह जी ने की।

बैठक के मुख्य वक्ता श्री चेतन सिंह सर रहे, जिन्होंने धारा 125 CrPC (भरण-पोषण / Maintenance) एवं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 144 से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी पहलुओं पर विस्तृत व्याख्यान दिया।

उन्होंने बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 लागू होने के बाद पूर्व की धारा 125 CrPC अब धारा 144 BNSS के रूप में लागू हो गई है। नए प्रावधानों के अंतर्गत अंतरिम भरण-पोषण के मामलों का निस्तारण नोटिस तामील होने के 60 दिनों के भीतर किए जाने का प्रावधान किया गया है, जिससे अनावश्यक देरी को रोका जा सके।

व्याख्यान के दौरान सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न हाई कोर्ट्स के हालिया महत्वपूर्ण निर्णयों एवं न्यायिक रुख पर भी चर्चा की गई। मुख्य रूप से “निरंतर अधिकार” (Continuing Right) की अवधारणा पर प्रकाश डाला गया, जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि भरण-पोषण का अधिकार एक सतत सामाजिक एवं कानूनी अधिकार है और प्रत्येक माह जिम्मेदारी न निभाना नया Cause of Action माना जा सकता है।

इसके अतिरिक्त “रजनीश बनाम नेहा” प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि अब अंतरिम भरण-पोषण निर्धारित करते समय दोनों पक्षों को अपनी आय एवं संपत्ति का विस्तृत हलफनामा प्रस्तुत करना अनिवार्य हो गया है।

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि केवल पत्नी के शिक्षित होने या पूर्व में नौकरी करने के आधार पर उसका भरण-पोषण का अधिकार समाप्त नहीं होता, बल्कि यह देखा जाता है कि वर्तमान में वह स्वयं का पालन-पोषण करने में सक्षम है या नहीं।

कार्यक्रम में भरण-पोषण की पात्रता एवं अपवादों पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि पत्नी, नाबालिग बच्चे, शारीरिक अथवा मानसिक रूप से अक्षम बालिग संतान एवं माता-पिता भरण-पोषण के हकदार हो सकते हैं। वहीं बिना उचित कारण के अलग रहने, आपसी सहमति से अलग रहने अथवा अन्य वैधानिक कारणों की स्थिति में भरण-पोषण का दावा प्रभावित हो सकता है।

स्वाध्याय मंडल में उपस्थित सदस्यों की कानूनी समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। कार्यक्रम में श्री सूर्यवीर सिंह, निमेष कुमार गर्ग, अमितेश शर्मा, उमेश चौधरी, अनिल यादव, के.के. पाठक, पूजा शर्मा, पंकज जोशी, राजीव, राहुल कुमार सैनी, देवेंद्र कुमार, श्री चेतन सर, सोनू सिंह, खुशबू जोशी, गौरी मिश्रा, त्रिलोकीनाथ पचौरी, भारत कुमार अग्रवाल, राजकिशन भारद्वाज, शंकर, श्रीमती चंद्रकांता भदौरिया, श्री चंद्रमोहन अग्रवाल, मनोज शर्मा, प्रतिभा सिंह, रामलाल अग्रवाल एवं आदिल सहित अन्य अधिवक्ता एवं सदस्य उपस्थित रहे।