यूरिया की असामान्य बिक्री, चार उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित, 11 संदेह के घेरे में

 

दिलीप यादव, वरिष्ठ पत्रकार, मथुरा

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मथुरा, 26 मई 2026। जनपद में यूरिया की असामान्य बिक्री को लेकर कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार यूरिया की बिक्री में भारी बढ़ोतरी दर्ज होने पर विभाग ने जांच अभियान चलाया, जिसमें कई उर्वरक विक्रेताओं की बिक्री संदिग्ध पाई गई। कार्रवाई करते हुए चार खाद विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं, जबकि 11 विक्रेताओं और सहकारी समितियों को संदेह के घेरे में लेते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार सिंह ने बताया कि 01 अप्रैल 2026 से 22 मई 2026 तक जनपद में 3591 मीट्रिक टन यूरिया की बिक्री हुई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 2253 मीट्रिक टन था। यानी इस बार 1339 मीट्रिक टन अधिक यूरिया की खपत सामने आई है। असामान्य वृद्धि को गंभीरता से लेते हुए कृषि निदेशालय के निर्देश पर जांच कराई गई।

आईएफएमएस पोर्टल के जरिए बिक्री का रिकॉर्ड खंगालने पर कई विक्रेताओं की बिक्री संदिग्ध मिली। इसके बाद सहायक विकास अधिकारी कृषि और कृषि रक्षा विभाग की टीमों ने जांच कर कार्रवाई शुरू की।

 

इन चार विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित

अजीत ट्रेडिंग कम्पनी, बाजना

जीत खाद बीज भंडार, जुसुटी

राधा कृष्ण खाद बीज भंडार, मॉट

प्रधान खाद भंडार, अरहेरा

वहीं 11 उर्वरक विक्रेताओं और सहकारी समितियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनके उर्वरक क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई है। विभाग इन प्रतिष्ठानों के रिकॉर्ड और बिक्री की विस्तृत जांच कर रहा है।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे जरूरत के अनुसार ही उर्वरक खरीदें और अनावश्यक भंडारण न करें। विभाग के अनुसार वर्तमान में जनपद में पर्याप्त मात्रा में यूरिया और डीएपी उपलब्ध है।

जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार सिंह ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है। किसानों को जैविक, जैव उर्वरक और माइक्रोन्यूट्रिएंट उर्वरकों के संतुलित प्रयोग की सलाह दी गई है, ताकि लागत कम होने के साथ उत्पादन भी बेहतर हो सके।