मनीष दयाल, मथुरा
अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (एआईजेटीएफ), इकाई मथुरा के बैनर तले टेट लागू करने के विरोध में सोमवार को एक विशाल मशाल जुलूस निकाला गया। जुलूस टैंक चौराहे से प्रारंभ होकर विकास बाजार स्थित गांधी मूर्ति तक पहुँचा, जिसमें बड़ी संख्या में प्राथमिक, बेसिक और माध्यमिक शिक्षक, कर्मचारी एवं युवाओं ने भाग लिया।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मशाल लेकर टेट के विरोध में जोरदार नारेबाजी की। जुलूस के समापन पर गांधी मूर्ति पर सभा आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त किए।
एआईजेटीएफ के जिला संरक्षक योगराज चाहर, प्रांतीय संयुक्त मंत्री टीएससीटी तथा शैलेंद्र यादव (संरक्षक, अटेवा) ने कहा कि टेट लागू करना शिक्षकों के अधिकारों का हनन है। उन्होंने इसे शिक्षकों के हितों के विपरीत बताया।
अटेवा की जिलाध्यक्ष प्रदीपिका फौजदार और चेतना सीमा सारस्वत ने कहा कि इस निर्णय से महिला शिक्षकों सहित सभी वर्ग प्रभावित हो रहे हैं। वहीं मुनीश चौधरी (जिलाध्यक्ष, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ), राजेंद्र चौधरी (प्रदेश अध्यक्ष, यूटा) और गोविंद सिंह चौहान (जिलाध्यक्ष, टीएससीटी) ने संयुक्त रूप से कहा कि यह संघर्ष शिक्षकों की अस्मिता और भविष्य से जुड़ा है।
एससीएसटी बेसिक शिक्षक एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अशोक प्रिय और वैचारिक शिक्षक बेसिक एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुरेशचंद ने कहा कि इस निर्णय का असर समाज के कमजोर वर्गों के युवाओं पर भी पड़ेगा।
बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष नरेंद्र चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसान यूनियन शिक्षक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि इस मुद्दे पर किसान और शिक्षक एक साथ खड़े हैं।
एससीएसटी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार बौद्ध, शिक्षामित्र संगठन के जिलाध्यक्ष खेमसिंह तथा पूर्व सैनिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुरजीत सिंह ने इसे अधिकारों की रक्षा का संघर्ष बताया।
मीडिया प्रभारी मनीष दयाल ने कहा कि शिक्षकों पर टेट थोपना अन्यायपूर्ण है और इसका विरोध जारी रहेगा।
सभा में गीता रावत, अजीत सिंह, जितेंद्र चौधरी, नरेंद्र सिंह, भगवान सिंह, ललित तोगड़िया, राजेश सरोज, गिरीश कौशिक, रीमा सोनकर, चेतना चौहान, सतीश रावत, पुष्पेंद्र चौधरी, करणपाल सिंह, सीमा सारस्वत, लवली पटेल, सीमा कुमारी, पूजा चौधरी, सारिका सिंह, रोहित शर्मा सहित अनेक लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए।
सभा के अंत में सभी पदाधिकारियों ने सरकार से टेट लागू करने के निर्णय को वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।








