सेवा ही सर्वोपरि: ‘कल्याणं करोति’ के नेत्र शिविर में मानवता की मिसाल

दिलीप यादव वरिष्ठ पत्रकार मथुरा

शोभित अरोड़ा के जन्मदिवस पर जचौंदा में निशुल्क जांच-उपचार, कमजोर वर्ग की सेवा से मिलती है सच्ची संतुष्टि: डा. नेहा चौधरी

 

कष्ट में भगवान याद आते हैं और चिकित्सक भगवान के रूप में मरीज का कष्ट हरते हैं। इसी भाव के साथ जचौंदा स्थित कल्याणं करोति नेत्र संस्थान में निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। श्री गिर्राज फाइल्स प्रा.लि., वृंदावन द्वारा शोभित अरोड़ा के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में लगाए गए शिविर में बड़ी संख्या में मरीजों की जांच कर उन्हें उपचार परामर्श दिया गया।

समापन अवसर पर गोवर्धन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की चिकित्सा अधीक्षिका डा. नेहा चौधरी ने कहा कि साधनहीन व्यक्ति की किसी भी रूप में मदद करना ही सच्ची सेवा है। कल्याणं करोति संस्था मरीजों के कल्याण का कार्य कर रही है और कमजोर वर्ग की सहायता से जो संतुष्टि मिलती है वह अवर्णनीय है। उन्होंने कहा कि संस्था गोवर्धन क्षेत्र ही नहीं, जनपद का नाम अन्य जिलों में भी रोशन कर रही है।

भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष चौ. हीरा सिंह कुन्तल ने कहा कि स्वयंसेवियों के सहयोग से संचालित चिकित्सा संस्थानों को मंदिर की तरह सम्मान और सहयोग मिलना चाहिए। भाजपा जिला उपाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र राणा ने नेत्रों को शरीर का प्रमुख अंग बताते हुए कहा कि नेत्र ज्योति की रक्षा करना श्रेष्ठ सेवा है।

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युवराज ठाकुर ने कहा कि ऐसे सेवा कार्य समाज में मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करते हैं और हर सक्षम व्यक्ति को आगे बढ़कर सहयोग करना चाहिए। गिरि गोवर्धन सेवा समिति के विष्णु रावत ने कहा कि यह संस्थान करोड़ों लोगों की नेत्र सेवा का केंद्र बनकर उत्तर भारत में पहचान बनाएगा।

संस्था के महासचिव सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि समाज के अंतिम पायदान पर बैठे नेत्र रोगियों को उपचार उपलब्ध कराना संस्थान का उद्देश्य है। संस्थान के सचल वाहन लगभग 150 किलोमीटर क्षेत्र में लगातार सेवा दे रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन सह सचिव निरुपम भार्गव ने किया। निदेशक शैलेन्द्र चतुर्वेदी के निर्देशन में मरीजों को स्वल्पाहार एवं घर तक पहुंचाने की व्यवस्था भी कराई