कुंजलता मिश्रा की नृत्य नाटिका में झलकी मीरा की भक्ति और समर्पण

रामकुमार रौतेला, वरिष्ठ पत्रकार। मथुरा

 

कुंजलता मिश्रा की नृत्य नाटिका में झलकी मीरा की भक्ति और समर्पण

 ब्रज रज उत्सव के मंच पर मंगलवार को प्रसिद्ध ओडिसी नृत्यांगना कुंजलता मिश्रा ने संत मीरा बाई के जीवन पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत कर दर्शकों का हृदय जीत लिया।
श्रीकृष्ण के प्रति मीरा की अटूट भक्ति और प्रेम को उन्होंने भाव–भंगिमा, नृत्य मुद्राओं और भावपूर्ण अभिनय के माध्यम से सजीव कर दिया। मंच पर जब “पायो जी मैंने राम रतन धन पायो” की धुन बजी, तो पूरा वातावरण भक्ति रस में सराबोर हो उठा।
दर्शकों ने कुंजलता की इस अद्भुत प्रस्तुति का तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया। उनकी प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि मीरा की भक्ति आज भी उतनी ही जीवंत है, जितनी सदियों पहले थी।
इस नृत्य नाटिका में मीरा बाई की आध्यात्मिक यात्रा, उनके आंतरिक संघर्ष और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति परम समर्पण को मनोहर ढंग से प्रस्तुत किया गया। एक रानी द्वारा सांसारिक जीवन त्यागकर दिव्य प्रेम की खोज का यह चित्रण भाव और सौंदर्य दोनों से परिपूर्ण रहा।
कुंजलता मिश्रा एक अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त ओडिसी नृत्यांगना हैं। वे श्रीवृंदावन धाम की प्राचीन परंपराओं में निहित अपनी कलात्मकता और आध्यात्मिक अभिव्यक्ति के लिए जानी जाती हैं। वर्तमान में वे राजस्थान के मेवाड़ विश्वविद्यालय में नृत्य विभाग की प्रमुख हैं, जहां वे भारतीय शास्त्रीय कलाओं के प्रति अपने गहन ज्ञान और समर्पण से नई पीढ़ी को प्रेरित कर रही हैं।

बुधवार के सांस्कृतिक कार्यक्रम

– निखिल शर्मा — भजन, सूफ़ी गायन (दोपहर 3–4 बजे)
– हाकिम सिंह — भजन गायन (शाम 4–5 बजे)
– नम्रता सिंह — भजन गायन (शाम 5–6 बजे)

अतिथि कलाकार (शाम 6 बजे से)

– रमा वैधनाथन — अखिलम् मधुरम् नृत्य नाटिका
– सुरेश वाडेकर — वाडेकर नाइट