श्रीराम की शरण में आए विभीषण, रामेश्वर की हुई स्थापना

खेमचंदअग्रवाल, शेरगढ़

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श्री राम जी ने की रामेश्वर की स्थापना शेरगढ़ श्री श्रीरामलीला के 11वें दिन श्री रामलीला मंच से रामलीला मैदान में

रावण ने अपने भाई विभीषण को लंका से निकाल दिया तो विभीषण ने प्रभु श्री राम की शरण ले ली इसके पश्चात रावण ने अपने दो दूत भेज कर राम की सेना की जानकारी कराई लेकिन वह दोनों दूत राम की सेना ने पहचान लिए इसके पश्चात प्रभु श्री राम जी ने उन्हें जिंदा छोड़कर वापस भेज दिया जिसके पश्चात प्रभु श्री रामदेव नल और नील की सहायता से सेतुबंध पुल वनाकर लंका में प्रवेश किया और और रामेश्वर की स्थापना. रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सुरेश चंद्र शर्मा इस वर्ष 2 अक्टूबर 4:30 गोपीनाथ मंदिर से मेंन बाजार होते हुए भव्य विजय रथ बैंड बाजा एवं काली अखा,पैदल झांकियां के साथ अनाज मंडी स्थल पहुंचेगी जहां रावण के विशाल का पुतले का दहन होगा. जिसके पश्चात रात्रि 8:00 बजे अनाज मंडी में रागनी प्रोग्राम किया जाएगा.