विप्र धेनु, सुर, संत हित, लीन्ह मनुज अवतार

विप्र धेनु, सुर, संत हित, लीन्ह मनुज अवतार
भये प्रकट कृपाला दीनदयाला, कौशल्या हितकारी,
आकाशवाणी, श्रीरामजन्म लीला का मंचन एवं
मनभावन छप्पन भोग का हुआ आयोजन

श्री रामलीलासभा (रजि0) मथुरा के तत्वावधान में सायं 5 बजे असकुण्डा बाजार में आकाशवाणी एवं श्रीकृष्ण जन्मस्थान लीला

मंच पर रात्रि 8 बजे से श्री रामजन्म, बधाई गायन एवं छप्पन भोग का आयोजन किया गया ।
पृथ्वी पर दुष्ट असुरों के अत्याचार, संत, साधु, ऋषि, मुनियों के यज्ञ, अनुष्ठान आदि में राक्षसों द्वारा विघ्न बाधा डालना एवं पापाचार, दुराचार चरम पर था। पृथ्वी इस सबसे तृस्त होकर गऊ का रूप धारण कर ब्रह्मा आदि देवताओं के पास पहुंची । तत्पश्चात् समाधान हेतु सभी ने भगवान श्रीविष्णु की स्तुति कर प्रार्थना की । तब श्रीविष्णु द्वारा आकाशवाणी हुई कि मैं शीघ्र ही पृथ्वी पर अवतार लेकर दुष्ट निशाचरों का शमन एवं पृथ्वी से भार व कष्ट को समाप्त करूंगा । आकाशवाणी असकुण्डा बाजार में हुई । जहा चतुर्भुज रूप में श्रीविष्णु के मनोहारी दर्शन हुए ।
इसी क्रम में जन्मस्थान लीला मंच पर श्रीराम जन्मलीला का मंचन हुआ । चक्रवर्ती सम्राट अयोध्या नरेश राजा दशरथ जी ने कुलगुरू मुनि वशिष्ठजी के परामर्श पर पुत्रयेष्टि यज्ञ किया जिसके फल स्वरूप ज्येष्ठ रानी कौशल्या के यहा श्री राम अवतरित हुए । रानी कैकेयी के भरत व सुमित्रा के लक्ष्मण व शत्रुघ्न का अवतरण हुआ । जन्म की खुशी में राजादशरथ ने राजकोष से धन व उपहार बाटे
अयोध्यावासी खुशी से झूम कर नृत्य करने लगे । राज महल में ढाड़ी, ढाड़िन व भाँडो द्वारा बधाई स्वरूप सामूहिक गान व नृत्य किए गये । गुरू वशिष्ठ द्वारा चारों भाईयों का नाम करण संस्कार किया गया।
जिसमें श्रीराम, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न के बालस्वरूप के रूप में दक्षित ,व्योम,काव्यांश, रुद्रांश बने ।
इस अवसर पर लीला मंच पर मनभावन छप्पन भोग का आयोजन किया । जिसमें श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न के बालस्वरूपों को छप्पन भोग अर्पित किये गये । छप्पन भोग आकर्षण का केन्द्र रहा। असंख्य भक्तों ने छप्पन भोग दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त किया ।
प्रसाद व्यवस्था में मुख्य संयोजक किशोर मित्तल पानीगाँव बाले रविप्रकाश साड़ीवाले, संदीप अडूकी ,बिभोर अग्रवाल का विशेष योग दान रहा ।
लीला प्रदर्शन के समय सभा के नीति निदेशक गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी, जयन्ती प्रसाद अग्रवाल, जुगल किशोर अग्रवाल, नन्दकिशोर अग्रवाल, मूलचन्द गर्ग, प्रदीप सर्राफ पी.के., विजय सर्राफ किरोड़ी, शैलेश अग्रवाल सर्राफ, अजय मास्टर, पं0 शशांक पाठक, संजय बिजली विनोद सर्राफ, नगेन्द्रमोहन मित्तल,पं.शशांक पाठक,अनूप टैण्ट, मोहित अग्रवाल, हिमांशू सूतिया, उमेश बिजली, विष्णु शर्मा, गौरव अग्रवाल, अमन कुमार, चरत लाल सर्राफ, अंशुमान गोयल, रासबिहारी, मदन मोहन, रवि मंगलम,विवेक सूतिया ,बिशन सूतिया, रवि मास्टर ,डॉ.कुलदीप अग्रवाल ,अंकुर गर्ग ,शुभम बिजली, बंटी ,कुशाग्र ,आदि प्रमुख थे ।
19 सितम्बर को सायं 5 बजे श्री कृष्ण जन्मस्थान से ताड़का वध के लिए विश्वामित्र सहित श्रीराम, लक्ष्मण की सवारी डीगगेट, मण्डी रामदास, चैक बाजार, स्वामी घाट होते हुये राजाधिराज बाजार में पहुँचेगी वह ताड़का वध लीला होगी तत्पश्चात श्रीकृष्ण जन्मस्थान लीला मंच पर जानकी जन्म, ताड़का वध, महर्षि गौतम अहिल्या चरित्र लीला रात्रि 7 बजे से होगी ।