मथुरा 3 अगस्त 2025 : उर्वरक डीएपी और यूरिया की कमी को लेकर किसान परेशान हैं। खरीफ फसलों के लिए खाद की मांग और आपूर्ति को लेकर प्रशासन और किसानों अपने दावे है। खाद नहीं मिलने की शिकायत किसान कर रहे हैं,
जबकि प्रशासन उर्वरकों की कोई कमी नहीं बता रहा है। पर, ऐसे में किसानों के लिए नैनो उर्वरक को दानेदार खाद का विकल्प आपूर्तिकर्ता एजेंसी किसानों को बता रही हैं। कहा जा रहा है कि नैनो उर्वरक से भी पौधों को उतनी ही शक्ति मिलेगी, जितनी दानेदार खाद के डालने से मिलेगी। राज्य विपणन प्रबंधक यतेंद्र तेवतिया और उप महाप्रबंधक डा. आर के नायक ने आज चौमुंहा में किसानों को यही बात समझाई। इफको ने यहां किसानों की बैठक बुलाई थी। इफको के उत्पाद नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी एवं तरल सागरिका के गुण भी किसानों को बताए गए। दानेदार खाद को उर्वरा शक्ति को क्षीण करने वाला बताते हुए उन्होंने कहा इसका पर्यावरण पर भी कुप्रभाव पड़ता है। किसानों को भरोसा दिलाया कि नैनो उर्वरक से न जमीन को कोई हानि पहुंचेगी होगी और पर्यावरण को कोई क्षति नहीं होगी। सवाल यह है कि इसके बाद भी किसानों का नैनो का प्रयोग रास क्यों नहीं आ रहा है। जबकि भविष्य में दानेदार उर्वरक का स्थान भी यही नैनो खाद लेने जा रहे हैं। इसलिए कंपनी नैनो पर के उपयोग पर बल दे रही है।
मनोज चौधरी
पत्रकार








