मथुरा
थाना गोवर्धन थाने पर एक व्यक्ति ने आज एक तहरीर दी, जिसे पढ़कर पुलिस का सुकून छिन गया। उसमे लिखा था कि उसकी 18 वर्षीय पुत्री अपनी सहेलियों के साथ सुबह घर से एक साथ स्कूल जाने को निकली। रास्ते में तहरीर देने वाले गांव का ही एक युवक अपने दो अन्य साथियों के साथ उसकी पुत्री और उसकी सहेली उपरोक्त को बहला फुसलाकर कर अगवा कर ले गया। ये खबर एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय तक भी पहुंच गई। एसएसपी ने थाना गोवर्धन प्रभारी विनोद बाबू मिश्र को युवतियों की तलाश को निर्देशित किया। थाना प्रभारी अडींग पुलिस चौकी प्रभारी प्रबल प्रताप को साथ लेकर दौड़ पड़े। उनकी तलाश करीब 19 किलोमीटर की दौड़ के बाद मथुरा मेगा मार्ट समाप्त हो गई। पुलिस ने युवती को उसके पिता द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के संबंध में बताया।
तब, ऑपरेशन जागृति की कामयाबी का पता पुलिस को चला। युवती ने साफ कहा, पिताजी ने यह प्रार्थना पत्र कैसे और क्यों दिया। वह नहीं जानती। पर , इतना है कि वह यहां अपनी ही मर्जी से अपनी सहेली के साथ आई। और बोली, कुछ दिन पूर्व मेरे स्कूल में थाना गोवर्धन पुलिस द्वारा “ऑपरेशन जागृति” के तहत कार्यक्रम हुआ। तब हमको बताया गया कि किसी के विरूद्ध झूठा मुकदमा नही लिखावाना चाहिए। ऐसा करने के दूरगामी परिणाम की भी जानकारी इसी दौरान हमको दी गई। उसी से हमने यह सीखा और साथ ही यह भी कहा कि जिन युवकों के नाम प्रार्थना पत्र में लिखे हैं। उनसे उसका कोई लेना देना भी नहीं। अपने पिता का साथ झूठे मुकदमे में न देने की हिम्मत भी युवती ने इसी ऑपरेशन जागृति से पाई। अपना संकल्प भी दोहराया कि उसे ऑपरेशन जागृति से जो शिक्षा मिली है। जो उसने सीखा है, वह उसका जीवन भर पालन करेगी।
इसके साथ तीन युवक सलाखों के पीछे जाने से बच गए। 








