हिंदूवादी श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर न दीपदान कर सके न लड्डू गोपाल का अभिषेक

-सुरक्षा के घेरे के तोड़ कर धार्मिक स्थल की ओर जाते दो दर्जन से ज्यादा हिंदूवादी नेता पुलिस ने लिए हिरासत में, शाम को किए रिहा
-पुलिस, एलआईयू और आइबी की टीमें ने सार्वजनिक स्थलों पर चलाया दिनभर तलाशी अभियान
-रोजाना की तरह रहे खुले रहे बाजार, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी रहे भ्रमणशील
राहुल अंधोपिया मथुराः
श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर हिंदूवादी संगठनों के नेता छह दिसंबर को न दीपदान कर सके और न ही लड्डू गोपाल का अभिषेक। उनकी यहां नई परंपरा की शुरुआत करने की गई कोशिश को पुलिस प्रशासन ने असफल कर दिया। पूर्व में की गई घोषणा के अनुसार सुरक्षा घेरे को तोड़कर श्रीकृष्ण जन्मस्थान की ओर जाते समय दो दर्जन से ज्यादा पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया, जिनको शाम को हिदायत देकर रिहा कर दिया गया।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा, अखिल भारतीय हिंदू महासभा की जिलाध्यक्ष छाया गौतम, हिंदूवादी नेता जमुना शर्मा, हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत युवराज अपने अपने कार्यकर्ताओं के साथ अलग-अलग समय पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान के मूल गर्भ गृह पर दीपदान और लड्डू गोपाल का अभिषेक करने के लिए आए, सभी को श्रीकृष्ण जन्मस्थान से पहले ही पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया। दिनेश शर्मा अपने समर्थकों के साथ कंकाली मंदिर के रास्ते से भूतेश्वर तिराहे की ओर दीपदान करने के लिए जा रहे थे। उनको करीब साढ़े ग्यारह बजे ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया। करीब ढाई बजे छाया गौतम अपने तीन चार कार्यकर्ताओं के साथ भारत माता के नारे लगाते हुए पोतरा कुंड की ओर से आ रहीं थीं। उनको पुलिस पोतरा कुंड के पास ही अपनी हिरासत में ले लिया। वह लड्डू गोपाल भी अपने साथ में लेकर आईं थीं। इस बीच छाया गौतम और उनके समर्थकों की पुलिस से तीखी-नोंकझोंक भी हुई। करीब चार बजे संत युवराज अपने आठ-दस कार्यकर्ताओं के साथ दरेसी मार्ग से होकर श्रीकृष्ण जन्मस्थान की ओर जाते समय पुलिस ने रोककर सभी को हिरासत में ले लिया गया। इससे पहले सुबह ही पुलिस, पीएसी और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों का धार्मिक स्थलों पर कड़ा पहरा था। एलआईयू, आईबी और पुलिस की टीमें होटल, ढाबे, गेस्टहाउस और सार्वजनिक स्थलों पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया था, जो रात तक जारी रहा। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस के गश्तीदल लगातार भ्रमण पर रहे। एसएसपी सिटी मार्तंड प्रकाश सिंह, एसपी क्राइम अवनीश कुमार मिश्रा और एसपी ट्रैफिक देवेश कुमार शर्मा पुलिस बल के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में भ्रमणशील रहे। सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त का ही परिणाम रहा कि दोनों ही धार्मिक स्थलों के आसपास की दुकानें रोजाना की भांति खुली रही। दर्शन करने श्रीकृष्ण जन्मस्थान पहुंचे श्रद्धालुओं को आने जाने में कोई दिक्कत नहीं हुई। उनको रूटीन चेकिंग प्रक्रिया से गुजर कर जाना पड़ा।
-आसमां से जमीं तक रही नजर: पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी दोनों ही धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षाकर्मियों के साथ भ्रमणशील रहे। नियंत्रण कक्ष से ही सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी की गई। पुलिस की सतर्कता के कारण कोई हिंदूवादी नेता नई पंरपरा की शुरुआत करने को यलो जोन में दाखिल न हो सके। आसपास के इलाके की गतिविधियों की टोह लेने को आसमान में ड्रोन कैमरा मंडराता रहा। दोनों धार्मिक स्थलों की ओर जाने वाले सभी मार्गों पर नाकाबंदी कर वाहनों को रोक दिया गया था। लोग पैदल ही आते-जाते रहे।
-मुस्लिम नेता भी रहे मौजूदः हिंदूवादी नेताओं के ऐलान को देखते हुए मुस्लिम समाज के प्रमुख नागरिक भी शाही मस्जिद ईदगाह के मुख्य प्रवेश द्वार की ओर मौजूद रहे। कुछ डींगगेट पुलिस चौकी के पास जमे रहे। ईदगाह कमेटी के सचिव और अधिवक्ता तनवीर अहमद, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आबिद हुसैन और पूर्व पार्षद डा. अबरार हुसैन पूरी स्थिति पर नजर रखने के साथ ही शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी करते रहे।








