

-मोटरसाइकिल सवार नकाबपोश दो बदमाशों ने घटना को दिया अंजाम
-शेरगढ़ मार्ग पर भोगांव के पास छात्र को छोड़कर जंगल में भागे अपहर्ता
-पुलिस की नजर में आया हुलिया, कई टीमें कर रही अपहर्ताओं का पीछा
aaditya mangal news
श्री राधा मोहन जी सरस्वती विद्या मंदिर चौमुहां से पढ़कर लौट रहे एक छह वर्षीय छात्र को मोटरसाइकिल सवार नकाबपोश दो बदमाश घर से करीब पचास मीटर की दूरी से अपहरण कर ले गए। छात्र के अपहरण की खबर मिलने पर पुलिस की कई टीमें बालक को अपहर्ताओं ं के चंगुल से सकुशल मुक्त कराने को एक साथ चौतरफा दौड़ पड़ी। जिले की सभी सीमाओं को सील कर दिया गया। हर मार्गों पर चेकिंग आरंभ कर दी गई। सीसीटीवी खंगाल लिए गए। घटनास्थल का मौका मुआयना कर लोगों से पूछताछ कर ली गई। 90 मिनट की पुलिस की इस मेहनत से अपहर्ताओं के भागने के सभी रास्तों को बंद कर दिया। पुलिस के चक्रव्यूह में खुद को फंसता देख अपहर्ता बालक को भोगांव के पास छोड़कर जंगल के रस्ते भाग गए। पुलिस की कई टीम शेरगढ़, कोसी कलां, छाता और नौहझील इलाकों में अपहर्ताओं की तलाश में लगी है। एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने कहा है, अपहर्ताओं का हुलिया पहचान लिया गया है और जल्द ही उनको गिरफ्तार भी कर लिया जाएगा। गिरफ्तारी के बाद ही बालक के अपहरण के पीछे की असलियत सामने आएगी।
चौमुहां नगर की ठेका वाली गली निवासी बच्चू सिंह का छह वर्षी पुत्र भानु स्थानीय श्री राधामोहन जी सरस्वती विद्या मंदिर में कक्षा एक का छात्र है। दोपहर 12.0 बजे स्कूल की छुट्टी हो गई। भानु एलएसएस के सचिव प्रताप सिंह की पुत्री दिव्या की अंगुली पकड़ कर घर के लिए लौट रहा था। इसी स्कूल में कक्षा तीन में बढ़ रही भानु की बहन ज्योति भी पीछे-पीछे चल रही थी। भानु अपने घर से करीब 25 मीटर की दूरी पर होगा। तभी एक मोटरसाइकिल पर दो नकाबपोश अपहर्ताओं आए। चालक हेलमेट पहने हुए था, जबकि पीछे सवार अपहर्ताओं ने चेहरा ढक रखा था और सफेद कमीज पहने हुए था। पीछे बैठे अपहर्ताओं ने लक्ष्छो सेठ के जनरल स्टोर के समीप दिव्या के हाथ से भानु को छीन लिया। उसका मुंह दबा कर उसको मोटरसाइकिल के मध्य में बैठा लिया। ज्योति ने अपने भाई को बचाने की कोशिश की तो उसके बाल पकड़ कर अपहर्ताओंों ने उसे धक्का मार दिया। देखते ही देखते अपहर्ताओं की मोटरसाइकिल नेशनल हाईवे के सर्विस रोड पर विपरीत दिशा में गांव अकबरपुर की और फर्राटा भर गई। इधर, लोगों ने शोर मचाया। पुलिस को सूचना दी। दिन दोपहर स्कूल से लौटते छात्र के अपहरण की सूचना से पुलिस महकमा हरकत में आ गया।
-रास्ते में ही एसएसपी ने संभाली कंमाड : जिस समय बालक को अगवा किया गया और उसकी खबर एसएसपी शैलेश पांडेय को मिली। उस समय वह प्रयागराज के रास्ते यात्रा कर रहे थे। उसके बाद तो एसएसपी ने ऑपरेशन दृष्टि की कमांड संभाल ली। पुलिस टीमों को थाने-चौकियों से दौड़ना शुरू कर दिया। एक टीम घटनास्थल पर पहुंची। दूसरी टीमें सीसीटीवी खंगालने में लग गई। तीसरी टीम ने लोगों से पूछताछ कर मोटरसाइकिल, अपहर्ताओं की हुलिया आदि की जानकारी की। सर्विलांस सेल अपने काम में लग गया। जिले की सीमा से बाहर जाने वाले मार्गों पर पुलिस तैनात हो गई। हर मार्ग पर दो और चार पहिया वाहनों को रोक कर चेक किया जाने लगा। जो भी जिस टीम को इनपुट मिला, उसकी जानकारी तत्काल एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय और एसपी सिटी मार्तंड प्रकाश सिंह को शेयर की जाने लगी। चौतरफा पुलिस न अपहर्ताओं को घेरने के लिए अपना चक्रव्यूह रच डाला। नतीजा यह हुआ कि 90 मिनट में बदमाश पुलिस के बिछाए जाल में खुद को फंसा देख कर बालक को भोगांव के पास छोड़कर भाग गए। मगर, पुलिस की टीम ने बदमाशों को हुलिया जान लिया।
-तलाश जारी : जब पुलिस को अपहर्ताओं का हुलिया मिल गया तो वह फिर उनके पीछे लग गई। शेरगढ़, छाता, नौहझील और आसपास के इलाकों में पुलिस टीमें बदमाशों की तलाश में लगी हुई हैं। एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया, अपहर्ताओं का पुलिस टीमें लगातार पीछा कर रही हैं। उनको जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-अपहर्ताओं का होता गया रूट क्लीयर : बालक को अगवा कर भाग रहे अपहर्ताओं का रूट भी पुलिस को साथ की साथ पता चलता गया। क्योंकि पुलिस की तमाम टीमें सीसीटीवी खंगाल रही थी और जो भी लोकेशन मिल रही थी, उसको सभी टीमें वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शेयर करते हुए उनके निर्देश पर अपहर्ताओं के पीछे लगी हुई थीं। यही कारण रहा कि पुलिस कुशल बालक को अपहर्ताओं के चंगुल से मुक्त कराने में सफल हो गई। नगर पंचायत कार्यालय के सीसीटीवी में पुलिस को पहली तस्वीर बदमाशों की नजर आई, उसके बाद बदमाशों ने गांव तरौली स्थित एसआर कंपनी के पेट्रोल पंप पर मोटरसाइकिल में पेट्रोल भरवाया। यहां भी बदमाशों की तस्वीर सीसीटीवी में कैद हो गई।
-सामान्य किसान है पिता : भानु अपने परिवार में अकेला पुत्र है। उसके पिता साधारण किसान है और मजदूरी करते हैं। उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं हैं। उसके बाद भी उनके बेटे को अगवा किया गया। इसके कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सके हैं। मगर
-अपहरण के 90 मिनट बाद ही बालक को सकुशल बरामद कर लिया गया। अपहर्ताओं का हुलिया पहचान में आ गया है। जल्द अपहर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अपहर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद ही बालक के अपहरण के पीछे के कारणों का पता चल पाएगा।-शैलेश कुमार पांडेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा








