मनोज चौधरी,
aaditya mangal news
मथुरा :
हरियाली तीज : स्वर्ण-रजत हिंडोले में बांके बिहारी के तो सफेद छतरी से होंगे कल राधा रानी के दर्शन
-वृंदावन की दुर्घटना के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट, बरसाना के पुजारी और रिसीवर को दिया नोटिस
हरियाली तीज शनिवार को वृंदावन में ठाकुर बांके बिहारी जी स्वर्ण-रजत हिंडोले में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे और वृषभानु नंदिनी का डोला मंदिर से नीचे परिसर स्थित सफेद छतरी पर आएगा। ठाकुर और ठकुराइन के दर्शन पा कर भक्त निहाल हो जाएंगे। दोनों ही धार्मिक स्थलों पर भक्तों का आगमन आरंभ हो गया है। वृंदावन में हाल एक मकान की दीवार और छज्जा गिरने की दुर्घटना के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया। मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की तैनाती स्थल तय कर दिए गए है। हरियाली तीज पर लाखों भक्त ठाकुर बांके बिहारी जी को प्रेम की डोर में हिंडोले में झुलाने को पूरे एक साल तक इंतजार करते हैं। ठाकुर जी बेशकीमती स्वर्ण-रजत हिंडोले में अपने भक्तों को दर्शन देते हैं। इसी दिन ठाकुरजी जी का 77 वां निर्माण वर्ष भी है।
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बांके बिहारी मंदिर
ठा. बांके बिहारी जी करीब 161 वर्ष पहले सामान्य हिंडोल में दर्शन देते थे। जो वर्ष में हरियाली तीज के दिन ही होते हैं। इस दिन दर्शन करने के लिए देश विदेश से ठाकुर जी के भक्त वृंदावन दर्शन करने के लिए आते हैं। ठाकुर जी के भक्त सेठ हर गुलाल बेरीवाला ने परिवार के सहयोगियों संग ठाकुर जी का स्वर्ण-रजत हिंडोला बनवाया था। तभी से ठाकुरजी इसी स्वर्ण रजत हिंडोल में दर्शन में देते हैं। बताया गया है कि इस स्वर्ण-रजत हिंडोल को 77 वर्ष पूरे हो गए। सेठ हर गुलाल के वंशज आज भी यहां दर्शन करने के लिए आते हैं। यह स्वर्ण रजत हिंडोल करीब 20 किलोग्राम सोना और एक कुंतल चांदी का बना हुआ है। इसको तैयार करने मं पांच साल का समय लगा था। उस समय इसके निर्माण में करीब 25 लाख रुपये की लागत आई थी। वाराणसी के ख्याति प्राप्त कलाकार लल्लन और बाबूलाल ने वर्ष 1942 में इसका निर्माण कार्य शुरू किया जो वर्ष 1947 में बनकर तैयार हुआ। पिथौरागढ़ के टनकपुर के जंगल से शीशम की लकड़ी हिंडोल में लगाने के लिए मंगाई गई थी। कहा जाता है कि इस लकड़ी को काट कर सुखाने में भी दो वर्ष का समय लग गया था। 20 कारीगरों के सहयोग से हिंडोल बनकर तैयार हो गया। ऐसा ही हिंडोल बरसाना में श्रीजी के लिए भी ठाकुर बांके बिहारी के भक्त हर गुलाल ने बनवाया था।
-सफेद छतरी से राधारानी देंगी दर्शन : बरसाना में श्रीजी भी अपने भक्तों को मंदिर से नीचे आकर सफेद छतरी में दर्शन देंगी। वह डोला में बैठकर नीचे आएंगी। सफेद छतरी पर वृषभानु नंदिनी के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु बरसाना आएंगे। वही दूसरी तरफ मंदिर का एक हिस्सा जर्जर स्थित में हैं। इसको लेकर मंदिर के रिसीवर और पुजारी को भी नोटिस दिया गया है। ये नोटिस वृंदावन की दुर्घटना के मद्देनजर दिया गया है। भक्तों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने बरसाना में भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है। मंदिर मार्ग को वन वे किया गया है। जयपुर मंदिर से श्रीजी मंदिर तक मार्ग को भी अतिक्रमण मुक्त करा दिया गया है।








