नगर निगम की टीम को बेहड़ की भूमि पर नहीं लगाने दिए बोर्ड

-चार साल पहले ही पट्टा हो गया था खारिज, अब पूरी तैयारी से जाएगी टीम
आदित्य मंगल न्यूज : मसानी के निकट सवा तीन हेक्टेयर भूमि पर कलक्ट्रेट आवासीय सोसाइटी गठित कर बसाई गई कलक्ट्रेट कर्मचारी कालोनी की भूमि को बेहड़ में दर्ज होने के बाद नगर निगम ने खाली भूखंडों पर अपने बोर्ड लगाने आरंभ कर दिए है। मंगलवार को अपने स्वामित्व का बोर्ड लगाने के लिए गई नगर निगम की टीम का क्षेत्रीय नागरिकों ने विरोध किया। इसलिए टीम एक दो ही भूखंडों पर अपने बोर्ड लगाने के बाद वापस लौट आई। अब कभी भी नगर निगम पूरी तैयारी के साथ में यहां की भूमि पर अपना स्वामित्व होने के बोर्ड लगा सकती है। वहीं दूसरे तरफ क्षेत्रीय नागरिकों ने महापौर के ऊपर गंभीर आरोप भी लगाए।
लगभग 80 के दशक में ग्राम समाज की भूमि पर कलक्ट्रेट कर्मचारियों ने एक सोसाइटी का गठित कर सवा तीन हेक्टेयर भूमि पर कालोनी बसा ली। तत्कालीन एसडीएम ने उस भूमि के पट्टे आवंटित कर दिए। उसी समय इसका विरोध हुआ। मामला एमडीएम राजस्व एवं वित्त के न्यायालय में पहुंच गया। वर्ष 2016 में न्यायालय ने पट्टे निरस्त कर दिए और उस भूमि को बेहड़ में दर्ज कर दिया। इसके विरोध में कुछ लोग कमिश्नर के यहां पहुंच गए, लेकिन उनको राहत नहीं मिल पाई। राजस्व परिषद में एक दो लोगों ने अपील की है। इस पर अभी कोई फैसला नहीं आया है। सहायक नगर आयुक्त राजकुमार मित्तल ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह भूमि नगर निगम की है। यहां जो खाली प्लाट है, उन पर नगर निगम अपने स्वामित्व के बोर्ड लगा रहा है। क्षेत्रीय नगरिक नगर निगम की इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। आज भी टीम यहां गई थी, लेकिन वह एक ही स्थानों पर बोर्ड लगा पाई। क्षेत्रीय नागरिकों ने विरोध कर टीम को बोर्ड लगाने से रोक दिया। अब टीम अपनी पूरी तैयारी के साथ जाएगी। इधर, क्षेत्रीय नागरिकों का आरोप है कि महापौर कुछ भू माफिया के इशारे पर यह कार्रवाई करवा रहे हैं।