जाट एकता परिषद की बैठक में समाज की कमजोरियों और समाधान पर हुई गंभीर चर्चा
मनोज चौधरी
मथुरा। जाट एकता परिषद की बैठक केडीएस इंटरनेशनल स्कूल, सलेमपुर रोड पर गंभीर वातावरण में आयोजित की गई, जिसमें समाज को एक सूत्र में बांधने, आंतरिक कमजोरियों को दूर करने और संगठन को मजबूत करने पर विस्तृत मंथन किया गया।
बैठक में सुमित्रा चौधरी एडवोकेट ने कहा कि जाट समाज के विकास के लिए अब आत्ममंथन जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि समाज की एकता में कौन-कौन सी बाधाएं हैं, इसे पहचानकर दूर करना होगा। न्यायालयों में समाज से जुड़े बढ़ते मुकदमों पर चिंता जताते हुए उन्होंने छोटे-छोटे विवादों को पंचायत स्तर पर सुलझाने की आवश्यकता बताई।
जाट एकता परिषद की बैठक में प्रशांत चौधरी ने पूर्वजों के योगदान को याद दिलाते हुए कहा कि वर्तमान समय समाज की एकजुटता का है। उन्होंने कहा कि समाज के साथ शोषण की स्थिति बन रही है, जिससे निपटने के लिए एकता सबसे बड़ा हथियार है।
जाट एकता परिषद की बैठक में सत्यवती चौधरी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति पर संकट आने पर समाज एकजुट नहीं हो पाता, जो चिंता का विषय है। उन्होंने महाराजा सूरजमल के बलिदान का उल्लेख करते हुए बच्चों की शिक्षा और स्वाभिमान पर विशेष जोर दिया।
जाट एकता परिषद की बैठक में हीरा सिंह कुंतल ने संगठन को मजबूत करने पर बल देते हुए कहा कि परिषद समाज के विकास के लिए कार्य करेगी। उन्होंने सुझाव दिया कि समाज में होने वाले विवादों के समाधान के लिए संगठन के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचकर आपसी समझौता कराएं।
जाट एकता परिषद की बैठक में सुजाता चौधरी ने कहा कि आज यह सोचने की आवश्यकता है कि जाट समाज में एकता की चर्चा क्यों उठ रही है। उन्होंने कुरीतियों को समाप्त करने, विभिन्न संगठनों को एक मंच पर लाने और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया। साथ ही फिजूलखर्ची कम करने और पाखंड से दूर रहने की सलाह दी।
जाट एकता परिषद की बैठक में श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण के हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने अपनी माटी और संस्कृति की पहचान बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने राष्ट्रहित में कार्य करने और जाट महापुरुषों के योगदान को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
जाट एकता परिषद की बैठक का संचालन सुजीत कुंतल ने किया। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को सप्ताह में अधिक से अधिक समय एक साथ बैठकर वैचारिक एकता स्थापित करनी चाहिए। आर बी चौधरी ने संगठन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने की घोषणा की और कहा कि वह हर समाज के विकास के संघर्ष में सबसे आगे खड़े नजर आएंगे।
बैठक के अंत में उन्होंने प्रशांत चौधरी को जिलाध्यक्ष नियुक्त किए जाने की घोषणा की।
बैठक की अध्यक्षता हरि प्रसाद ने की। उन्होंने जाटों के इतिहास और उत्पत्ति पर प्रकाश डालते हुए संगठन को मजबूत बनाने और समाज को एकजुट करने का संदेश दिया। बैठक में बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।







