भारत उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार
चिन्मानंद बापू ने किया बाल लीलाओं का वर्णन, भावुक हुये भक्तजन
गोवर्धन। गिरिराज तलहटी बड़ी परिक्रमा मार्ग चरणामृत कुंड पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन संत चिन्मयानंद बापू महाराज ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का मनोहारी वर्णन किया जिनको सुनकर सभी भक्तजन का भाव विभोर हो गये। कथा सुनाते हुये।
भागवत व्यास संत चिन्मयानंद बापू महाराज ने भगवान और शिष्य के अनेक वृतांत सुनाए और बताया कि किस प्रकार श्रीमद्भागवत मनुष्य का मार्ग दर्शन करते हुए उसे जीवन जीने की राह और कला सिखाती है। और बताती है कि रिश्तों को कैसे मजूबती प्रदान की जाए।
भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद उनकी बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए बापू महाराज ने कहा कि भगवान भोलेनाथ को पता चला कि श्रीकृष्ण नंद बाबा के यहां हैं। तो श्रीकृष्ण के दर्शन करने के लिए नंद जी के घर के आगे खड़े होकर कहते है – एक जोगी खड़ा तौरे द्वार मैया मोहे दरस करा दें। 
माता यशोदा ने उनकी आवाज सुनकर उन्हें भिक्षा देने के लिए आटा-दाल लेकर आई लेकिन शंकर ने वह सब लेने से इंकार कर दिया और कहा कि मुझे तो सिर्फ अपने लला के दर्शन करवा दो। यशोदा माता ने इंकार कर दिया, बस फिर क्या था भोले शंकर बैठ गए धूना लगा कर उनके द्वार पर। माता यशोदा नंद जी से बात की तो नंद बाबा ने उनको लला के दर्शन करवाने के लिए कहा। भगवान शिव ने जब श्रीकृष्ण जी के दर्शन किए तो उनकी आंखों से पानी टपकने लगा। उन्होंने कहा कि प्रभु आपके दर्शन करने के लिए मुझे बड़े बेलन बेलने पड़े हैं। आंखों ही आंखों में दोनों का वार्तालाप हुआ। इस अवसर पर पूर्व विधायक ठा. कारिंदा सिंह, सियाराम शर्मा, मुरारी लाल गोयल, हर्ष गोयल, मयंक वैद्य, प्रियंका पांडेय, गीतिका शर्मा, मीमांशा, गंगादास , ओमप्रकाश, हरीश जोशी, व्यापार मंडल के अध्यक्ष गणेश पहलवान, हनी कौशिक आदि भक्तजन उपस्थित रहे।








