उद्योग-धंधे की रेल तो तब चले जब सुविधा की पटरी दुरुस्त होए

मनोज चौधरी

मथुरा, 20 फरवरी 2026। कागज़ों में औद्योगिक विकास की रफ्तार तेज़ बताई जाती है, लेकिन हकीकत यह है कि उद्योग-धंधे की रेल तब तक नहीं दौड़ेगी जब तक सुविधाओं की पटरी दुरुस्त नहीं होगी। यह सच्चाई उस वक्त खुलकर सामने आई जब जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक में उद्यमियों ने एक-एक कर अपनी समस्याओं की फेहरिस्त खोल दी।

बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने की, लेकिन माहौल औपचारिक कम और शिकायतों से भरा ज्यादा नजर आया।

उद्योग बंधु की बैठक में खुली पोल

उद्यमियों ने साफ कहा—

बिजली की अनियमित आपूर्ति से उत्पादन प्रभावित हो रहा है।

औद्योगिक क्षेत्रों की सड़कें बदहाल हैं, जिससे माल ढुलाई महंगी और जोखिम भरी हो गई है।

स्ट्रीट लाइट की कमी से सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

 

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विभाग की प्रक्रियाएं जटिल हैं, जिससे छोटे उद्योग खासे परेशान हैं।

बैठक में यह भी सामने आया कि कई प्रकरण महीनों से विभागों में लंबित पड़े हैं। कारोबारियों का सीधा सवाल था—अगर बुनियादी सुविधाएं ही अधूरी हैं तो निवेश कैसे आएगा?

 

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अनुकूल माहौल बनाना प्राथमिकता”

जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि उद्यमियों की समस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट, निर्बाध विद्युत आपूर्ति और सड़कों की मरम्मत प्राथमिकता से कराई जाए।

प्रदूषण नियंत्रण विभाग को नियमित जांच और जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, जबकि अग्निशमन विभाग को उद्योगों के साथ समन्वय बनाकर अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया।

कारोबारियों का दर्द: “विकास की बात, जमीनी हालात अलग”

बैठक में मौजूद उद्यमियों ने दो टूक कहा कि योजनाओं की घोषणा से ज्यादा ज़रूरत जमीनी अमल की है। उनका कहना था कि जब तक सुविधा की पटरी सीधी और मजबूत नहीं होगी, तब तक उद्योग-धंधों की रेल रफ्तार नहीं पकड़ पाएगी।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ पूजा गुप्ता, अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार, उपायुक्त उद्योग चंद्रभान सिंह और अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।

फिलहाल प्रशासन ने समाधान का भरोसा तो दिया है, लेकिन अब निगाह इस बात पर रहेगी कि शिकायतों की यह फाइलें कब तक जमीन पर काम में बदलती हैं। उद्योग जगत को इंतजार है—सिर्फ बैठकों का नहीं, ठोस कार्रवाई का।