नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए पूर्व यूपीए सरकार की खाद्य नीति को लेकर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस की सरकार थी तब सरकारी गोदामों में हजारों टन अनाज सड़ता रहा, लेकिन गरीबों तक वह अनाज नहीं पहुंचाया गया।
चौहान ने सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश का भी उल्लेख किया जिसमें कहा गया था कि सड़ रहे अनाज को गरीबों में बांट दिया जाए। उनके मुताबिक, उस समय की सरकार ने कोर्ट को ही सरकार के काम में दखल न देने की बात कह दी थी। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर गरीबों को अन्न देने में दिक्कत क्या थी और इससे किसका स्वार्थ पूरा किया जा रहा था।
केंद्रीय मंत्री ने वर्ष 2009-10 का उदाहरण देते हुए कहा कि उस दौर में देश का गरीब व्यक्ति 20 रुपये किलो आटा खरीदने को मजबूर था, जबकि वही आटा सरकार विदेशों में लगभग 12.51 रुपये प्रति किलो की दर से भेज रही थी। उन्होंने इसे “अपने देश की जनता को महंगा और विदेशों में सस्ता” बताते हुए न्याय व्यवस्था पर प्रश्न खड़ा किया।
चौहान ने कहा कि कांग्रेस को देश की जनता को यह बताना चाहिए कि उस समय की नीति से किसे फायदा पहुंचाया गया और गरीबों को राहत क्यों नहीं मिली।








