दीपक गोस्वामी मथुरा
मथुरा में वित्तीय साक्षरता शिविर, ग्रामीणों को योजनाओं से जोड़ा
भविष्य को सुरक्षित और सुखद बनाने के लिए समय पर बचत और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण बेहद जरूरी है। यह बात केन आरसेटी के निदेशक भूपेंद्र सिंह ने वित्तीय जागरूकता कार्यक्रम में कही। उन्होंने युवाओं को तकनीकी ज्ञान सीखकर स्वरोजगार अपनाने और सरकारी योजनाओं से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में क्रिसिल फाउंडेशन के क्षमता संवर्धन अधिकारी योगेश चंद्र ने कहा कि आज के समय में पैसा कमाना जितना कठिन है, उसका सही प्रबंधन उससे भी बड़ी कला है। उन्होंने लोगों को लालच और झांसे से बचने की सलाह देते हुए कहा कि मोबाइल पर कभी भी ओटीपी साझा न करें और अनजान लिंक न खोलें। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें।
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वित्तीय समावेशन सप्ताह के तहत आयोजन
कार्यक्रम संयोजक दीपक गोस्वामी ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 9 से 13 फरवरी तक चलाए जा रहे वित्तीय समावेशन एवं जागरूकता सप्ताह का उद्देश्य आमजन को सुरक्षित और सरल बैंकिंग से जोड़ना है। इसके अंतर्गत सीकेवाईसी, नामांकन, मनी म्यूल और विभिन्न बैंकिंग उत्पादों की जानकारी सरल भाषा में दी जा रही है।
इसी क्रम में मथुरा ब्लॉक के अगनपुरा, बबूरी गर्वी और सलेमपुर गांवों में रिजर्व बैंक के निर्देशन में क्रिसिल फाउंडेशन द्वारा वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित किए गए। प्रचार वाहन के माध्यम से ग्रामीणों को सुरक्षित बैंकिंग और सीकेवाईसी की जानकारी दी गई।
60 ग्रामीण योजनाओं से जुड़े
रिजर्व बैंक और नाबार्ड के मार्गदर्शन तथा स्थानीय अग्रणी बैंक के सहयोग से आयोजित शिविर में ग्रामीणों को बचत, बैंक बीमा, जनकल्याणकारी योजनाएं और साइबर सुरक्षा के बारे में विस्तार से बताया गया। शिविर के दौरान 60 ग्रामीणों के जीरो बैलेंस खाते खुलवाए गए और उन्हें जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा, अटल पेंशन योजना और सुकन्या समृद्धि योजना से जोड़ा गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और सुरक्षित बैंकिंग अपनाने का संकल्प लिया।








