उर्वरक की कालाबाजारी पर डीएम का सर्जिकल स्ट्राइक

मनोज चौधरी मथुरा

 

पांच विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित, 11 संदेह के घेरे में

 

रबी सीजन के बीच किसानों की मजबूरी का फायदा उठाने वालों पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जनपद के सभी विकास खंडों में एक साथ छापेमारी कर उर्वरक की कालाबाजारी और टैगिंग पर सीधा प्रहार किया गया।

उप जिलाधिकारियों के नेतृत्व में कृषि एवं सहकारिता विभाग की संयुक्त टीमों ने 10 विकास खंडों में 49 उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच में अनियमितता पाए जाने पर 11 उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, जबकि गंभीर उल्लंघन पर पांच विक्रेताओं के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए। निलंबित दुकानों की उर्वरक आपूर्ति भी रोक दी गई है।

 

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यूरिया के साथ किसी भी प्रकार की टैगिंग, अधिक मूल्य पर बिक्री या स्टॉक में हेराफेरी को कालाबाजारी माना जाएगा। ऐसे मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 एवं उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सभी खुदरा विक्रेताओं को स्टॉक व रेट बोर्ड प्रतिदिन अपडेट रखने, पीओएस मशीन व भौतिक स्टॉक में समानता बनाए रखने तथा बिक्री रजिस्टर में कृषक का पूरा विवरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि किसान हित में यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।