दिलीप कुमार, वरिष्ठ पत्रकार मथुरा
-शमशान में जिनकी स्मृति में लगी कुर्सियां, वह भी मतदाता
-अडींग पंचायत में मृतक, विस्थापित व शादीशुदा लड़कियों के नहीं कटे वोट
मथुरा। गोवर्धन तहसील की ग्राम पंचायत अड़ींग की मतदाता सूचियों में ब्यापक गड़बड़ी सामने आई हैं। बी एल ओ की रिपोर्ट के बाद भी करीब पांच सैकड़ा मृतक एवं अन्यत्र बस चुके लोगों के नाम सूची में हैं। मृतक पूर्व प्रधान पुष्पा देवी भी मतदाता हैं और जिनकी स्मृति में शमशान में कुर्सियां लग चुकी हैं ऐसे रामेश्वर प्रसाद गौड़ भी मत डालने के अधिकारी हैं। कयी भी एवं ओ ने शादीशुदा लड़कियों और मृतकों के नाम कटने वाली सूची में भेजे ही नहीं हैं।

बार्ड संख्या 12,13,14 एवं 15 करीब 400 मतदाता जोकि बाहर बस चुके या मर चुके हैं लेकिन वोटर लिस्ट में अभी भी जीवित हैं। बार्ड 12 में क्रमांक 7718 पुष्पा देवी पत्नी सतीश चंद्र गांव की प्रधान रह चुकी हैं। पति पत्नी दोनों की मृत्यु हो चुकी है लेकिन वह अभी भी
मतदाता हैं। इसी बार्ड के क्रमांक 7740 के मतदाता रामेश्वर प्रसाद गौड़ की स्मृति में शमशान में कुर्सियां लगी हैं जिन पर उनका नाम अंकित है लेकिन वह परलोक सिधारने के बाद भी मतदाता हैं। इतना ही नहीं बार्ड 12 के पहले पन्ने पर ही मर चुके, पलायित दो दर्जन लोगों के नाम वोटर लिस्ट में अंकित हैं।
बार्ड संख्या 5-6 में भी मृतकों के नाम कटने को ही बेहद कम दिए हैं। इन दोनों में क्रमशः 11 एवं 20 नाम दिए हैं जबकि मृतक, शादीशुदा लड़कियों और बाहर बस चुके लोगों की संख्या काफी है। यहां जिंदा लोगों के नाम काटने की शिकायत के चलते बीएलओ बूथ के बजाय गामेती मुहल्ले में जाकर वोट बढ़ाने को फ़ार्म भरते नजर आए।
बार्ड संख्या 2,3 और 4 में भी वोट काटने का काम नहीं हुआ। यहां भी मृतक, बाहर बस चुके लोगों की संख्या काफी है लेकिन केवल 44 नाम काटने को दिए। इनमें से काफी गोवर्धन तहसील स्तर से भी एवं ओ की रिपोर्ट के बाद भी नहीं कटे हैं। यहां करीब 350 नये मतदाता बनाए गये हैं। बार्ड नंबर 1 में 207 वोटर बढ़े हैं लेकिन कटने वाले 25 हैं। एक दर्जन में संशोधन हुआ है। बार्ड नंबर 7,8,9 के बीएलओ दो बजे ही बूथ से निकल लिए। यहां भी मृतक, पलायित एवं शादीशुदा लड़कियों के नाम काफी तादाद मैं जब के तहत बने हुए हैं। 15 बार्ड की अड़ींग पंचायत में बार्ड में 10 से 20 साल पूर्व गांव छोड़ चुके या मर चुके लोगों के नाम वोटर लिस्ट में देखकर लोग हतप्रभ हैं। नाम काटने में संभावित प्रत्याशी रुचि नहीं लेते चूंकि फर्जी मतदान के लिए ऐसे वोटर ही काम आते हैं। यही कारण है कि दशकों पूर्व मर चुके, शादीशुदा लड़कियों एवं नौकरी आदि के लिए दूसरे राज्यों में बस चुके लोग भी मतदाता बने हुए हैं। जिला गंगा समिति सदस्य दिलीप कुमार यादव ने कहा कि वह चुनिंदा बार्डो की शिकायत राज्य निर्वाचन आयोग एवं जिला प्रशासन को मेल से भेज रहे हैं।








