दिलीप यादव, वरिष्ठ पत्रकार मथुरा।
गोवर्धन में समाज सेवा की भावना को साकार करते हुए कल्याणं करोति नेत्र संस्थान ने श्याम स्टील मैन्युफैक्चरिंग लिमिटेड, कोलकाता के सहयोग से 1169 जरूरतमंद मरीजों के निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन कर उन्हें नेत्र ज्योति प्रदान की। यह सेवा प्रकल्प आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आशा की किरण बनकर सामने आया।
15 से 25 दिसंबर तक चले इस नेत्र चिकित्सा शिविर में चिन्हित मरीजों को चरणबद्ध तरीके से भर्ती कर सफल ऑपरेशन किए गए। जचौंदा स्थित नेत्र संस्थान परिसर में आयोजित समापन समारोह में वक्ताओं ने इस पुनीत कार्य को मानव सेवा का यज्ञ बताते हुए इसकी भूरि-भूरि प्रशंसा की।
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि महंगी चिकित्सा सुविधाएं जब समाज के कमजोर वर्ग तक निःशुल्क पहुंचती हैं, तब उसका प्रभाव केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे समाज को नई दिशा मिलती है। उन्होंने सामर्थ्यवान लोगों से आग्रह किया कि रामसेतु निर्माण में गिलहरी के योगदान की तरह सभी अपने-अपने स्तर पर सहयोग करें, जिससे आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
अध्यक्षीय उद्बोधन में मथुरा के पूर्व पालिकाध्यक्ष श्री वीरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि खांडवाला परिवार के छोटे से प्रयास से शुरू हुआ कल्याणं करोति का सेवा कार्य आज वटवृक्ष का रूप ले चुका है। इसे आगे बढ़ाने के लिए समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को योगदान देना चाहिए, ताकि गरीब और असहाय लोगों को निःशुल्क उपचार मिलता रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने संस्थान को उत्तर भारत का एक प्रमुख नेत्र उपचार केंद्र बताते हुए इसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अतिथि वक्ताओं में कुल भूषण जैड, आशीष भाटिया, राकेश शर्मा, प्रो. नबाव सिंह, बी.एल. शर्मा, सत्यव्रत सिंह एवं ओ.पी. सिंह ने सेवा कार्य की सराहना की। शंकरा फाउंडेशन यूएसए की श्रीमती रूपा ने मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
समारोह में सह सचिव मूलचंद गर्ग ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन सह सचिव निरुपम भार्गव ने किया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि जब संस्थाएं और समाज मिलकर आगे आते हैं, तो सेवा और संवेदना के माध्यम से हजारों जिंदगियों में उजाला भरा जा सकता है।








