मनोज चौधरी मथुरा
बांग्लादेश में एक हिंदू की नृशंस हत्या का मामला सामने आने के बाद आक्रोश और चिंता गहराती जा रही है। पीड़ित को पहले पीट-पीटकर मौत के घाट उतारा गया, फिर उसके शव को पेड़ से लटकाकर आग के हवाले कर दिया गया। इस अमानवीय घटना को लेकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि–शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण के हिंदू पक्षकार और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।


वृंदावन में यमुना तट पर गो को राष्ट्रमाता का दर्जा दिए जाने के विषय पर आयोजित पंडित घनश्यामदास जी महाराज की कथा में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार अब असहनीय स्तर पर पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह कोई एक घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित हिंसा का हिस्सा है, जिसमें बार-बार हिंदू समाज को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार इतिहास में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के मूल गर्भगृह को तोड़कर वहां मस्जिद का निर्माण कराया गया, उसी मानसिकता की पुनरावृत्ति आज बांग्लादेश में देखी जा रही है। वहां से भारत के खिलाफ नफरत फैलाने और जहर उगलने का कार्य खुलेआम किया जा रहा है, जो पूरे हिंदू समाज के लिए चेतावनी है।
महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि को मुक्त कराया जाएगा और वहां मंदिर निर्माण होकर रहेगा। उन्होंने हिंदू समाज से जाति, क्षेत्र और भाषा से ऊपर उठकर एकजुट होने का आह्वान किया और कहा कि अब अन्याय के खिलाफ संगठित आवाज उठाना समय की मांग है।
इस अवसर पर पंडित श्यामानंद जी महाराज भी मंच पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बबंडर दास बाबा, राजेंद्र दास जी महाराज, तथा गो रक्षा दल के जग्गा कर्मयोगी सहित बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु मौजूद रहे।
सभा में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि हिंदू समाज पर हो रहे अत्याचारों को नजरअंदाज करना आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय होगा और अब निर्णायक चेतना आवश्यक








