संतों का एकाकार कराएगा श्रीकृष्ण जन्मभूमि को मुक्त: महेंद्र प्रताप 

मनोज चौधरी 

श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति को लेकर चल रहे आंदोलन को नई ऊर्जा उस समय मिली, जब आनंद बाजार धाम सेवा ट्रस्ट, राधाकुंड में साधु-संतों की बैठक में एकजुट स्वर सुनाई दिया। इसमें श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने आंदोलन को मजबूती देने का आह्वान करते हुए संत-समाज में जोश और संकल्प का संचार किया। साथ ही साधु संतों को मंदिर निर्माण की शपथ भी दिलाई। बैठक लगभग एक घंटे तक चली।

राधाकुंड स्थित आनंद बाजार धाम सेवा ट्रस्ट में साधु संतों को संबोधित करते हुए श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट। साथ में हैं पंडित श्यामानंद जी महाराज, इंद्रनीलमणि दास महाराज, केशवदासजी

कार्यक्रम की अध्यक्षता कृष्णदास जी महाराज ने की, जबकि संचालन डॉ. अरुण शास्त्री ने किया। बैठक में ब्रज क्षेत्र के अनेक प्रमुख साधु-संत उपस्थित रहे।

महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने अपने संबोधन में कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म पर समय-समय पर आघात किए गए हैं और आज भी हिंदू समाज को कमजोर करने के प्रयास हो रहे हैं। ऐसे में एकता ही सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने विश्वास जताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि अवश्य मुक्त होगी और भगवान श्रीकृष्ण के मूल गर्भगृह स्थल पर भव्य मंदिर का निर्माण होकर रहेगा।

वृंदावन के संत पंडित श्यामानंद जी महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि हिंदू समाज की आस्था का केंद्र है और इसे प्राप्त करने के लिए संघर्ष जारी रहेगा। आनंद बाजार धाम सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष इंद्रनीलमणि दास जी महाराज ने कहा कि संत-समाज पूरी मजबूती के साथ श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास और उसके अध्यक्ष के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि सभी की भावना मूल गर्भगृह स्थल पर भव्य मंदिर निर्माण को लेकर एक समान है।

अध्यक्षीय संबोधन में कृष्णदास जी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण हिंदू समाज के आराध्य हैं और उनकी जन्मभूमि की मुक्ति आस्था और अस्मिता से जुड़ा विषय है। बैठक में विपिन बिहारी, केशव दास महाराज, रूपानुगा दास, माधव बाबा सहित अनेक साधु-संत मौजूद रहे।